दक्षिण तमिलनाडु के आर्थिक इंजन, वी.ओ. चिदंबरनार बंदरगाह ने उत्कृष्ट रेल-सड़क संपर्क, मुख्य समुद्री मार्ग से निकटता, सभी मौसम के अनुकूल परिचालन स्थितियों और पूर्वी तट को पश्चिमी तट से जोड़ने वाली भौगोलिक स्थिति जैसी अनुकूल परिस्थितियों के कारण मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक्स पार्क की स्थापना का प्रस्ताव दिया है। वर्तमान विनिर्माण केंद्र मुख्य रूप से कुछ अंदरूनी इलाकों में स्थित हैं, जैसे कोयंबटूर, तिरुपुर, सेलम, इरोड, पोलाची, करूर, राजपालयम, मदुरै आदि।
मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक्स पार्क निर्बाध मल्टीमॉडल फ्रेट ट्रांसफर को सक्षम बनाने, और विशेष भंडारण समाधान, जैसे कोल्ड स्टोरेज, मशीनीकृत सामग्री हैंडलिंग से लैस गोदामों और कंटेनरों के लिए इंटरमॉडल ट्रांसफर टर्मिनल, थोक और खुदरा माल के लिए बुनियादी ढांचे की सुविधा प्रदान करेगा। इसके अलावा, एमएमएलपी मूल्य वर्धित सेवाएं जैसे सीमा शुल्क मंजूरी, अनुबद्ध भंडारण यार्ड, पृथक क्षेत्र, परीक्षण सुविधाएं, भंडारण प्रबंधन सेवाएं, निर्माण के बाद की गतिविधियां जैसे किटिंग और फाइनल असेंबली, ग्रेडिंग, सॉर्टिंग, लेबलिंग, पैकेजिंग आदि की पेशकश करेगा।
बंदरगाह ने लगभग 100 एकड़ के क्षेत्र में मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक्स पार्क की स्थापना के लिए तीन संभावित स्थानों के रूप में कोयंबटूर, मदुरै और तूतीकोरिन की अस्थायी रूप से पहचान की है।
बंदरगाह एमएमएलपी के विकास के लिए भीतरी इलाकों और औद्योगिक संघों के हितधारकों के साथ बातचीत कर रहा है। प्रारंभिक जानकारी के आधार पर, सड़क और रेल संपर्क के साथ भूखंड की पहचान की जाएगी और प्रस्ताव को सरकारी की सरकार को मंजूरी के लिए भेजा जाएगा।
मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक्स पार्क की स्थापना से आयात-निर्यात माल की रसद लागत में कमी, मालवाहक ट्रकों की आवाजाही के कारण होने वाले प्रदूषण, भीड़भाड़ में कमी और शहरी क्षेत्र के बाहर स्थित लॉजिस्टिक्स पार्कों में कम किराये से संचालित गोदाम की लागत को कम करने में मदद मिलेगी।
वीओसी बंदरगाह 95,000 डीडब्ल्यूटी तक थोक वाहक और 300 मीटर के एलओए तक कंटेनर जहाजों को वहन करने के लिए 14.20 मीटर का अधिकतम ड्राफ्ट प्रदान करता है। बंदरगाह के दो कंटेनर टर्मिनल, कंटेनर के 11.7 लाख टीईयू को संभालने की क्षमता के साथ 17 कंटेनर फ्रेट स्टेशनों और एक आईसीडी द्वारा समर्थित हैं। टर्मिनल अपनी साप्ताहिक प्रमुख मार्ग सेवाओं के माध्यम से कोलंबो के लिए दैनिक कनेक्टिविटी और सुदूर पूर्व तक पहुंचने की सुविधा प्रदान करते हैं।
तमिलनाडु में सबसे तेजी से बढ़ने वाला बंदरगाह वी.ओ. चिदंबरनार बंदरगाह, भारतीय अर्थव्यवस्था के विकास के साथ-साथ आगे बढ़ रहा है। इसके परिणामस्वरूप सड़क मार्ग से माल ढुलाई की मात्रा में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। वी.ओ. बंदरगाह में, 76% माल सड़क मार्ग से, 20% कन्वेयर द्वारा, और 2% पाइपलाइन तथा रेल द्वारा पहुँचाया जाता है। 3000 से अधिक ट्रक बंदरगाह सड़क मार्ग के माध्यम से एक्जिम माल को स्थानांतरित करने के लिए प्रतिदिन चलते हैं, जो कि एनएच 138 और एनएच 38 के माध्यम से तिरुनेलवेली और दक्षिणी क्षेत्र के बाहर तथा मदुरै से लेकर उत्तरी भीतरी इलाकों को कवर करता है। 595 किमी लंबे पूर्वी तटीय मार्ग चेन्नई को भी जोड़ता है। यह बंदरगाह भारतीय रेलवे नेटवर्क से मीलाविट्टन-मदुरै बड़ी लाइन के माध्यम से अच्छी तरह से जुड़ा हुआ है। इसके जरिये डिंडीगुल, करूर, बेंगलुरु, कोयंबटूर और चेन्नई क्षेत्रों में तेजी से और प्रभावी तरीके माल पहुंच पाता है।
वीओसी बंदरगाह के माध्यम से कुल माल परिचालन वर्ष 2047-48 तक 125.68 मिलियन टन तक पहुंचने का अनुमान है और बंदरगाह के कंटेनर ट्रैफिक वर्ष 2047-48 तक 3.41 मिलियन टीईयू तक पहुंचने का अनुमान है।
एमजी/एएम/केसीवी/वाईबी
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