कर्ज में डूबे किसान जब घर पर पहुंचे तो मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने राजस्थान भर में कृषि भूमि की नीलामी पर रोक के आदेश दिए। भाजपा सांसद किरोड़ी लाल मीणा हिरासत में।

कर्ज में डूबे किसान जब घर पर पहुंचे तो मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने राजस्थान भर में कृषि भूमि की नीलामी पर रोक के आदेश दिए। भाजपा सांसद किरोड़ी लाल मीणा हिरासत में।

कर्ज में डूबे किसान जब घर पर पहुंचे तो मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने राजस्थान भर में कृषि भूमि की नीलामी पर रोक के आदेश दिए।
भाजपा सांसद किरोड़ी लाल मीणा हिरासत में।
वादे के मुताबिक कांग्रेस सरकार ने किसानों के कर्ज माफ नहीं किए-भाजपा अध्यक्ष पूनिया।
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20 जनवरी को दौसा और अलवर क्षेत्र के कर्ज में डूबे सैकड़ों किसान जब जयपुर में सिविल लाइन स्थित मुख्यमंत्री के सरकारी आवास के निकट जमा हो गए तब मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रदेश भर में कृषि भूमि की नीलामी पर रोक लगा दी जाए। यानी अब बैंक अपने कर्ज वसूली के लिए किसान की कृषि भूमि की नीलामी नहीं कर सकेंगी। इससे पहले किसानों के साथ प्रदर्शन में पहुंचे भाजपा सांसद किरोड़ी लाल मीणा ने कहा कि यह किसान अलवर और दौसा जिलों के हैं, ये वे किसान है जिनकी कृषि भूमि की नीलामी के लिए बैंकों ने सार्वजनिक सूचना चस्पा कर दी है। बैंकों के अधिकारी किसानों के घर जाकर उन्हें अपमानित कर रहे हैं। ऐसे अपमान से दुखी एक किसान ने तो आत्महत्या भी कर ली है। अलवर और दौसा में ही नहीं बल्कि प्रदेश भर में किसानों में भय और दहशत का माहौल है। जिस किसान ने तीन लाख रुपए का कर्ज लिया था, उस पर अब चालीस लाख रुपए का कर्जा हो गया है। यदि किसान की भूमि की नीलामी हो जाएगी तो किसान क्या करेंगे। मीणा ने कहा कि राज्य सरकार ने दो वर्ष पहले विधानसभा में यह बिल स्वीकृत करवाया था कि पांच एकड़ वाले किसान की भूमि की नीलामी नहीं होगी, लेकिन आज मेरे साथ जो किसान आए हैं, वे सब पांच एकड़ भूमि से कम वाले किसान हैं। मीणा ने कहा कि सरकार की नीति से आज किसानों को आत्महत्या करनी पड़ी रही है। वहीं मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की ओर से कहा गया कि मौजूदा स्थिति के लिए राज्यपाल कलराज मिश्र जिम्मेदार हैं। गहलोत ने कहा कि दो वर्ष पहले विधानसभा में जो बिल स्वीकृत कर राज्यपाल के पास भेजा गया, उसे अभी तक भी मंजूरी नहीं मिली है। यदि राज्यपाल मंजूरी दे देते तो कृषि भूमि की नीलामी नहीं हो पाती। गहलोत ने कहा कि राष्ट्रीयकृत बैंकों के कर्ज माफ करने के लिए भी केंद्र सरकार को वन टाइम सेटलमेंट करना चाहिए। राज्य सरकार अपने हिस्से की राशि देने को तैयार है।
मीणा हिरासत में:
मुख्यमंत्री आवास के निकट जब हंगामा ज्यादा होने लगा तब पुलिस ने भाजपा सांसद किरोड़ी लाल मीणा को हिरासत में ले लिया। मीणा को पुलिस वाहन में बैठकर अन्यत्र ले जाया गया। मीणा ने उसे पुलिस की दमनकारी नीति बताया।
कर्ज माफी नहीं हुई-पूनिया:
वहीं भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. सतीश पूनिया ने कहा कि प्रदेश के किसानों की मौजूदा स्थिति के लिए मुख्यमंत्री अशोक गहलोत जिम्मेदार हैं। विधानसभा चुनाव के समय राहुल गांधी ने चुनावी सभाओं में वादा किया था कि किसानों की संपूर्ण कर्ज माफी की जाएगी। लेकिन तीन वर्ष से भी ज्यादा समय गुजर जाने के बाद किसानों की कर्ज माफी नहीं हुई है। अलवर, दौसा और अन्य जिलों में कृषि भूमि की नीलामी को लेकर बैंकों ने जो सार्वजनिक सूचनाएं चस्पा की है, वे सभी बैंक सहकारी क्षेत्र की हैं। इससे प्रतीत होता है कि अभी सहकारी क्षेत्र की बैंकों के कर्ज भी माफ नहीं हुए हैं। डॉ. पूनिया ने कहा कि अशोक गहलोत राज्यपाल का उल्लेख कर मुद्दे को भटका रहे हैं। यदि वादे के मुताबिक किसानों की कर्ज माफी हो जाती तो बैंकों को वसूली के लिए नीलामी नहीं करनी पड़ती।
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