लोकसभा चुनाव में यदि कांग्रेस को बहुमत मिलता है तो राहुल गांधी देश के प्रधानमंत्री बनेंगे। कांग्रेस में राहुल गांधी के नेतृत्व को चुनौती देने वाला कोई नहीं है। स्वाभाविक है कि राहुल गांधी कांग्रेस के जिम्मेदार और महत्वपूर्ण नेता है। लेकिन जब पांच राज्यों में विधानसभा चुनावों को लेकर देश की राजनीति में घमासान मचा हुआ है, तब राहुल गांधी की कोई सक्रियता नजर नहीं आ रही है। संबंधित राज्यों के कांग्रेसी भी पूछ रहे हैं कि आखिर राहुल गांधी कहां है। जानकार सूत्रों के अनुसार गत दिसंबर के अंतिम सप्ताह में राहुल गांधी इटली स्थित अपने ननिहाल गए थे। उम्मीद थी कि नव वर्ष का जश्न मनाने के बाद राहुल गांधी जनवरी के पहले सप्ताह में अपने देश लौट आएंगे, लेकिन जनवरी माह के तीन सप्ताह गुजर रहे हैं और राहुल गांधी के बारे में कोई जानकारी नहीं है। पांच राज्यों में देश का सबसे बड़ा उत्तर प्रदेश भी शामिल है। उत्तर प्रदेश से ही राष्ट्रीय राजनीति की राह निकलती है। इन पांच राज्यों के चुनावों को लेकर सभी राजनीतिक दल सक्रिय हैं। इन पांच राज्यों के चुनाव परिणाम से ही विपक्ष में कांग्रेस की स्थिति का पता चलेगा। पांच राज्यों में से सिर्फ पंजाब में ही कांग्रेस की सरकार है। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू की वजह से पंजाब में कांग्रेस की स्थिति लगातार कमजोर हो रही है। इन पांच राज्यों के चुनाव की कमान राहुल गांधी की माताजी और कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीमती सोनिया गांधी ने संभाल रखी है। सब जानते हैं कि श्रीमती गांधी पिछले कई वर्षों से अस्वस्थ चल रही हैं। उत्तर प्रदेश में राहुल गांधी की बहन और कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी अकेले ही संघर्ष कर रही हैं। सवाल उठता है कि क्या अपनी माताजी और बहन की मदद के लिए राहुल गांधी को देश में नहीं रहना चाहिए? अच्छा होता कि पांच राज्यों के चुनाव के मौके पर राहुल गांधी अपने परिवार और कांग्रेस के कार्यकर्ताओं की हौसला अफजाई के लिए देश में रहते। कांग्रेस के कुछ नेता कह सकते हैं कि राहुल गांधी विदेश में बैठ कर भी पांच राज्यों के चुनाव की रणनीति बना रहे हैं। ऐसे तर्क के मुकाबले में सवाल उठता है कि आखिर ऐसी कौन सी रणनीति है जो अपने देश में रहकर नहीं बन सकती? क्या विदेश में बैठकर उत्तर प्रदेश जैसे बड़े राज्य का चुनाव जीता जा सकता है? राहुल गांधी देश में रहें या विदेश में यह उनका व्यक्तिगत मामला है, लेकिन जब राहुल गांधी की भूमिका एक जनप्रतिनिधि और विपक्ष के नेता के तौर पर है तो फिर उनके लंबे समय तक विदेश में रहने पर सवाल तो उठेंगे ही। चुनाव आयोग ने पांच राज्यों में मतदान की तिथियां भी घोषित कर दी है। उत्तर प्रदेश में पहला चरण 10 फरवरी को होगा। इसके बाद 7 मार्च तक मतदान की प्रक्रिया पूर्ण हो जाएगी। यानी अब मतदान में 20 दिन शेष हैं, ऐसे में राहुल गांधी का देश में नहीं होना कांग्रेस के लिए नुकसानदेह है। वैसे भी राहुल गांधी को अपनी माताजी के स्वास्थ्य को देखते हुए देश में ही रहना चाहिए। राहुल गांधी अक्सर गरीबों और जरूरतमंदों के हितों को लेकर केंद्र सरकार की आलोचना करते हैं, लेकिन जब चुनावों में भाजपा सरकार को हराने का समय आता तो राहुल गांधी विदेश चले गए। इससे राहुल गांधी के उठाए सवालों की गंभीरता कम होती है। उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव जब भाजपा सरकार पर लगातार हमले कर रहे हैं, तब राहुल गांधी की कोई भूमिका नजर नहीं आ रही है। आखिर इतने महत्त्वपूर्ण अवसर पर राहुल गांधी विदेश में क्या कर रहे हैं?
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