गर्मियों की शुरुआत के साथ ही बाजार में तरबूज की मांग बढ़ जाती है। तेज लाल रंग और मीठा तरबूज खरीदने के चक्कर में लोग मिलावट को भूल जाते हैं। लेकिन, मिलावटी तरबूज लोगों की सेहत के लिए गंभीर खतरा बन रहा है। हाल ही में, कानपुर में मिलावटी तरबूज खाने के बाद कई युवतियों को उल्टियां हुईं। वहीं, सोमवार को मुरादाबाद के बिलारी ऋषिपुरम में 20 वर्षीय अलका सैनी की मौत हो गई।
क्या है पूरा मामला?
अलका सैनी ने सुबह 10 बजे चाय पीने के बाद सेब खाया था। इसके कुछ देर बाद उन्होंने तरबूज का सेवन किया। जिसके बाद उन्हें पेट दर्द और उल्टियां शुरू हो गईं। हालत बिगड़ने पर उन्हें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बिलारी ले जाया गया, जहां उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें हायर सेंटर रेफर कर दिया गया। लेकिन, रास्ते में ही अलका ने दम तोड़ दिया।
मिलावट का शक:
अलका की मौत के बाद हर कोई सकते में है और तरबूज में मिलावट का शक जताया जा रहा है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। उनके अनुसार, अलका बिलारी में ही ब्यूटी पार्लर का कोर्स सीख रही थी।
मिलावट की पहचान कैसे करें:
अपर आयुक्त ग्रेड-2 खाद्य सुरक्षा राजवंश प्रकाश ने बताया कि तरबूज की जांच करने का एक साधारण तरीका है। सबसे पहले तरबूज को आधा काट लें। फिर रुई को तरबूज के कटे हुए हिस्से पर रगड़ें। अगर रुई लाल हो जाती है, तो इसका मतलब है कि तरबूज में एरिथ्रोसिन नाम का केमिकल मिलाया गया है। ऐसा तरबूज खाने के लिए सुरक्षित नहीं है।
डॉक्टर की राय:
जिला अस्पताल के फिजिशियन डॉ. रामकिशोर ने बताया कि एरिथ्रोसिन केमिकल मिला तरबूज खाने से पेट दर्द, उल्टी-दस्त, जी मिचलाना और भूख न लगने जैसी समस्याएं हो सकती हैं। इसके सेवन से थायराइड की समस्या भी हो सकती है। इसलिए तरबूज की पहचान करके ही खाएं।
सावधान रहें:
गर्मी के मौसम में तरबूज खाना आम बात है, लेकिन मिलावट के कारण यह जानलेवा भी हो सकता है। इसलिए, तरबूज खरीदते समय सावधानी बरतें और मिलावट की जांच जरूर करें।
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