आयुष चिकित्सा के लिए भारत आने वाले विदेशियों के लिए विशेष वीज़ा
भारत सरकार ने आयुर्वेद, योग, प्राकृतिक चिकित्सा, यूनानी, सिद्ध और होम्योपैथी जैसी आयुष चिकित्सा पद्धतियों के लिए भारत आने वाले विदेशियों के लिए एक विशेष वीज़ा शुरू किया है। इस वीज़ा को 'आयुष वीज़ा' नाम दिया गया है।
आयुष वीज़ा के बारे में:
- विभिन्न प्रकार: आयुष वीज़ा चार प्रकार का होता है - आयुष वीज़ा, आयुष परिचारक वीज़ा, ई-आयुष वीज़ा और ई-आयुष परिचारक वीज़ा।
- उद्देश्य: यह वीज़ा उन विदेशियों के लिए है जो भारत में आयुष चिकित्सा का लाभ उठाना चाहते हैं।
- मान्यता प्राप्त अस्पताल: इस वीज़ा पर आने वाले विदेशी केवल उन अस्पतालों या वेलनेस केंद्रों में इलाज करा सकते हैं जो सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त हैं।
- लोकप्रियता: अब तक 123 नियमित आयुष वीज़ा, 221 ई-आयुष वीज़ा और 17 ई-आयुष परिचारक वीज़ा जारी किए जा चुके हैं।
मेडिकल वैल्यू ट्रैवल (एमवीटी):
- पोर्टल: भारत सरकार ने मेडिकल वैल्यू ट्रैवल (एमवीटी) के लिए एक आधिकारिक पोर्टल - www.healinindia.gov.in लॉन्च किया है।
- एकल खिड़की: यह पोर्टल विदेशी मरीजों को भारत में चिकित्सा उपचार के बारे में सभी जानकारी एक ही जगह पर उपलब्ध कराता है।
- आयुष मेडिकल वैल्यू ट्रैवल समिट: सरकार ने आयुष मेडिकल वैल्यू ट्रैवल समिट 2024 का आयोजन किया ताकि आयुष चिकित्सा को वैश्विक स्तर पर बढ़ावा दिया जा सके।
केंद्रीय आयुष राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री प्रतापराव जाधव ने राज्य सभा में यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य आयुष चिकित्सा को बढ़ावा देना और भारत को एक प्रमुख चिकित्सा पर्यटन गंतव्य बनाना है।
यह पहल क्यों महत्वपूर्ण है?
- आयुष चिकित्सा को वैश्विक मान्यता: यह पहल आयुष चिकित्सा को वैश्विक स्तर पर मान्यता दिलाने में मदद करेगी।
- मेडिकल पर्यटन को बढ़ावा: इससे भारत में मेडिकल पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।
- आर्थिक विकास: इससे देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में मदद मिलेगी।
- स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार: इससे लोगों को स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तृत विकल्प मिलेगा।
यह पहल भारत को एक वैश्विक स्वास्थ्य केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।