चैन पुलिंग कर ट्रेन रोकी तो एक मिनट के देने होंगे 8 हजार, पांच मिनट के 40 हजार
कोटा। गैर जरुरी कामों के लिए चैन पुलिंग कर ट्रेन रोकने वालों के लिए रेलवे ने नया नियम लागू किया है। बिना किसी ठोस कारण की गई चैन पुलिंग के चलते अगर एक मिनट भी ट्रेन रुकी तो निर्धारित पैनल्टी के अलावा यात्रियों से 8 हजार रुपए जुर्माना वसूला जा सकता है। वहीं अगर ट्रेन पांच मिनट रुक गई तो यात्रियों को 40 हजार रुपए भुगतने पड़ सकते हैं। अगर इससे अधिक ट्रेन रुकती है तो जुर्माना राशि भी इसी अनुपात में बढ़ सकती है।
गौरतलब है कि अकारण चैन पुलिंग कर ट्रेन रोकने वालों से रेलवे पैनल्टी के रुप में अब तक 500 रुपए वसूलती रही है। लेकिन इस पैनल्टी के अलावा रेलवे ने अब ट्रेन लेट होने का खर्च जी जोडऩे का निर्णय लिया है। इस नए नियम का मुख्य उद्देश्य अकारण या बिना किसी ठोस कारणों से चैन पुलिंग से लेट होने वाली ट्रेनों पर अंकुश लगाना है। एक बार चैन पुलिंग होने से ट्रेन कम से कम 5-7 मिनट रुकती है। समय पर दुबारा प्रेशर नहीं बनने पर यह समय कई बार बढ़ भी जाता है। ऐसे मेें ट्रेन लेट होने से यात्रियों के साथ रेलवे को भी नुकसान होता है।
उतरने-चढऩे वालों से भी जुर्माना
चैन पुलिंग होने से खड़ी ट्रेन से कई बार अन्य यात्री भी चढऩे-उतरने की कौशिश करते हैं। इससे दुर्घटना का अंदेशा बना रहता है। इस पर अंकुश लगाने के लिए रेलवे ने मौके का फायदा उठाने वाले ऐसे यात्रियों से भी जुर्माना वसूलने का निर्णय लिया है। अचानक ट्रेन रुकने सैंकड़ों यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है।
8 हजार 599 बार खिंची चैन
कोटा मंडल सहित पूरे पश्चिम-मध्य रेलवे में चालू वित्तीय वर्ष में अप्रेल से अक्टूबर तक के 10 महिनों में चैन पुलिंग के 8 हजार 599 मामले सामने आए हैं। रेलवे ने इन से कुल 29 लाख 48 हजार 113 रुपए जुर्माना वसूला है।
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