Railways: पुरानी पेंशन पर हां या ना, आधे रेलकर्मियों ने लगाई मुहर
- आधे आज लगाएंगे
- एक बूथ पर डलवाए गलत वोट, हंगामा
Rail News: मान्यता के लिए रेलवे संगठनों के चुनाव बुधवार से शुरु हो गए। चुनाव गुरुवार और शुक्रवार को भी जारी रहेंगे। शुक्रवार को केवल कोटा और गंगापुर में रनिंग कर्मचारी ही वोट डाल सकेंगे। मतदान का समय सुबह 8 से शाम 6 बजे तक है। कोटा में एक पोलिंग बूथ पर गलत वोट डलवाने के अलवाने के अलावा शांतिपूर्ण चुनाव की खबर है। मतगणना 12 दिसंबर को होगी। जरुरी होगा तो कई बूथों पर 7 दिसंबर को दुबारा चुनाव कराए जा सकते हैं।
पूरे पश्चिम-मध्य रेलवे में कुल 51 हजार 260 मेें से पहले दिन 29 हजार 536 कर्मचारियों ने अपने मताधिकारी का उपयोग किया। यह डाले गए कुल वोटों का प्रतिशत 57.62 रहा। इसमें कोटा मंडल का प्रतिशत 64.31 रहा। कोटा मंडल में कुल 27 बूथों पर 12 हजार 927 में से 8 हजार 385 कर्मचारियों ने वोट डाला। सुरक्षा के लिए पूरे जोन में कुल 80 पोलिंग बूथों पर 220 सीसीटीवी कैमरे और आरपीएफ जवानों को लगाया गया था।
यह रहा प्रतिशत
स्थान कुल वोट डाले गए वोट प्रतिशत
मुख्यालय 1037 718 69.37
जबलपुर 18812 10059 53.47
भोपाल 14418 7466 51.78
भोपाल वर्कशॉप 1826 1242 68.02
कोटा 12927 8385 64.86
कोटा वर्कशॉप 2242 1666 74.31
कुल 51260 29536 57.62
गंगापुर में 60 प्रतिशत मतदान
गंगापुर में मतदान के लिए तीन बूथ बनाए गए थे। इन तीन बूथों पर 967 कर्मचारियों ने वोट डाले। यह कुल मतदान का 59.61 प्रतिशत रहा। इसके अलावा बारां में 456 में 315, छबड़ा में 417 में से 265, बयाना में 352 में 315, हिंडोन में 280 में 219, लाखेरी 461 में से 290, बूंदी में 461 में से 290, रेलवे अस्पताल में 176 में 164 तथा सवाईमाधोपुर में 605 में से 398 कर्मचारियों ने वोट डाले।
बारात घर में डलवाए गलत वोट
कोटा में रेलवे कॉलोनी स्थित बारात घर में बनाए बूथ नंबर पांच पर वोटिंग में गड़बड़ी का मामला सामने आया है। गलत वोट डलवाने की जानकारी मिलते ही कर्मचारी संगठनों ने हंगामा कर दिया। शिकायत पर प्रशासन ने मामले की जांच की बात कही है।
कर्मचारियों ने बताया कि यहां पर दोपहर तक सब ठीक चल रहा था। दोपहर बाद अचानक एक पोलिंग एजेंट में कई कर्मचारियों से वोट के लिए मतदान पर्ची में खाली जगह पर मोहर लगाने के लिए कहा। एजेंट की बात मानते हुए कई कर्मचारियों ने मतदान पर्ची पर कर्मचारी संगठनों के नामों के बीच थोड़ी सी बची खाली जगह पर मोहर लगा दी। ऐसे में कई मोहर दो संगठनों के नाम पर भी लग गई। इससे इन कर्मचारियों का वोटर गलत हो गया। कर्मचारी यह हरकत उस समय की जब पोलिंग पीठासीन अधिकारी किसी काम से बाहर चला गया था।
हुआ हंगामा
कर्मचारियों की शिकायत के बाद रेलवे मजदूर संघ के मंडल सचिव अब्दुल खालिक ने मतदान केंद्र पर पहुंच कर हंगामा कर दिया। इसके बाद खालिक ने डीआरमए ऑफिस पहुंचकर चुनाव प्रभारी और वरिष्ठ मंडल कार्मिक अधिकारी सुप्रकाश के समक्ष जोरदार विरोध दर्ज करवाया। सूचना मिलने पर कर्मचारी परिषद के मंडल अध्यक्ष चंद्रभान शर्मा ने भी इस हरकत पर आपत्ती जताकर प्रशासन दुबारा वोटिंग की मांग की है। इस पर प्रशासन ने मामले की जांच की बात कही है। यह पूरी हरकत वहां लगे सीसीटीवी फुटेज में भी कैद हुई है।
फोन और मैसेज करने के बाद भी कोटा रेल मंडल के पीठासीन अधिकारी अपर मंडल रेल प्रबंधक आरआर के सिंह तथा वरिष्ठ मंडल कार्मिक अधिकारी सुप्रकाश ने मामले में कुछ भी जवाब देना जरुरी नहीं समझा।
100 मीटर दायरे में नजर आए कई नेता
प्रतिबंध के बावजूद कई नेता पोलिंग बूथ के सौ मीटर दायरे में नजर आए। अन्य नेताओं ने इस पर आपत्ती भी जताई। इसके बाद सभी को समझाबुझाकर सौ मीटर के दायरे से बाहर किया।
दो संगठनों को मिलेगी मान्यता
चुनाव में 35 प्रतिशत या इससे अधिक वोट लाने वाले अधिकतम दो यूनियनों को मान्यता दी जा सकेगी। किसी भी संगठन के 35 प्रतिशत वोट नहीं आने पर 20 प्रतिशत के बाद जिस भी संगठन को सबसे ज्यादा वोट मिलेंगे केवल उस एक संगठन को मान्यता दी जाएगी।
ट्रैकमेंटेनर यूनियन ने वर्कर्स को दिया समर्थन
चुनाव से ठीक एक दिन पहले ऑल इंडिया रेलवे ट्रैकमेंटेनर यूनियन (एआईआरटीयू) बिखरी नजर आई। एआईआरटीयू के एक धड़े ने अपने निर्णय में बड़ा फेरबदल करते हुए मंगलवार को वेस्ट-सेंट्रल रेलवे वर्कर्स यूनियन को अपना समर्थन देने की घोषणा की। एआईआरटीयू के जोनल महासचिव ने मंगलवार को इसकी घोषणा की। इस निर्णय का क्या फर्क पड़ेगा, इसका पता परिणाम आने के बाद ही चलेगा।
उल्लेखनीय है कि इससे दो दिन पहले एआईआरटीयू की कोटा शाखा पदाधिकारियों ने कर्मचारी परिषद को समर्थन देने की घोषणा की थी। उल्लेखनीय है कि एआईआरटीयू का नाम पहले चुनाव लडऩे वाले संगठन में शामिल था। लेकिन रेलवे ने कोर्ट के एक निर्णय का हवाला देते हुए एआईआरटीयू के चुनाव लडऩे पर रोक लगा दी।
पांच संगठन मैदान में
इस चुनाव के लिए पांच कर्मचारी संगठन मैदान में हैं। इनमें पहले नंबर पर पश्चिम-मध्य रेलवे कर्मचारी परिषद, दूसरे पर स्वतंत्र रेलवे बहुजन कर्मचारी यूनियन, तीसरे पर वेस्ट-सेंट्रल रेलवे एम्पलाईज यूनियन, चौथे पर वेस्ट-सेंट्रल रेलवे मजदूर संघ तथा पांचवे नंबर पर वेस्ट-सेंट्रल रेलवे वर्कर्स यूनियन शामिल है।
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