करौली जिले मे स्थित क्रिट्रिकल टाईगर हैबीटाट क्षेत्र में स्थित गांवो के विस्थापन के संबंध में जिला स्तरीय इम्पलीमेशन समिति की बैठक जिला कलेक्टर राजेन्द्र सिंह शेखावत की अध्यक्षता मे उनके कक्ष में आयोजित की गई। जिला कलेक्टर ने कहा कि विस्थापित परिवारों को जो सुविधाएं पहले सरकार के द्वारा उपलब्ध कराई जा रही थी उन सभी सुविधाओं का विस्थापित होने के बाद भी ध्यान रखा जायेगा एवं विस्थापित होने वाले परिवारों को संपूर्ण सरकारी योजनाओं का पात्रता के आधार पर लाभ दिया जायेगा। जिला कलक्टर ने कहा कि वर्तमान मे सर्वे के आधार पर विस्थापित गांवों को मुआवजा राशि परिवारों को उपलब्ध करवाई जायेगी। उन्होने उपखंड अधिकारी सपोटरा को निर्देश दिये कि विस्थापित होने वाले परिवारों की मृत्यु के पश्चात उनके वारिसों के नाम शुद्धिकरण एवं अन्य राजस्व से संबंधित कार्यो को 30 जनवरी तक करने एवं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को शेष व्यक्तियों की आयु का प्रमाणीकरण करने के लिये मेडिकल बोर्ड गठन कर उनकी आयु प्रमाणित करने के संबंध मे निर्देश दिये गये। विस्थापित होेने वाले परिवारों की अन्य गांवों मे भी भूमि होने के संबंध मे भी आवश्यक दिशा निर्देश दिये एवं स्वेच्छा से विस्थापित होने वाले गांवो पर भी विस्तार से चर्चा की गई। उन्होने बताया कि संबंधित उपखंड अधिकारी जहां गांव विस्थापित किये जा सकते है उन ग्रामीणजनों को सरकार की योजना के बारे मे जानकारी दे। जिससे कि ग्रामीणजन दूसरे स्थान पर रहकर अपना जीवन यापन कर सके और पात्रता के आधार पर सरकार की कल्याणकारी योजनाओं का लाभ उठा सकें। रणथम्भौर बाघ परियोंजना के उपवन संरक्षक एवं उपक्षेत्र निदेशक डॉ. रामानन्द भाकर ने रणथम्भौर बाघ परियोजना के करौली जिले मे स्थित क्रिट्रिकल टाईगर हैवीटाट में स्थित गांवो के विस्थापन के संबंध में अब तक की कार्यवाही और की जाने वाली कार्यवाही के संबंध मे विस्तार से जानकारी दी।बैठक मे अति. जिला कलक्टर परसराम मीना, उपखंड अधिकारी धीरेन्द्र सिंह, कृषि विभाग के उपनिदेशक रामलाल जाट, सूचना एवं जनसंपर्क अधिकारी धर्मेन्द्र मीना सहित वन विभाग के अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित थे।
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