प्रयागराज: महाकुंभ 2025 के मौनी अमावस्या स्नान के दौरान हुई भगदड़ में 30 लोगों की मौत और 19 लोगों के घायल होने की सूचना ने प्रशासन को सख्त कदम उठाने पर मजबूर कर दिया है। इस हादसे के बाद प्रशासन ने प्रयागराज की सीमाओं पर वाहनों की एंट्री पर रोक लगा दी है। आसपास के जिलों के बॉर्डर पर करीब 2 लाख से अधिक वाहन खड़े हैं।
प्रशासन के आदेश पर प्रयागराज से सटे 8 जिलों के बॉर्डर पर वाहनों को रोक दिया गया है। मिर्जापुर, सोनभद्र, वाराणसी समेत अन्य जिलों के बॉर्डर पर वाहनों को या तो रोड पर खड़ा किया गया है या पार्किंग में रखा गया है। डीएम और एसपी ने कहा कि भीड़ कम होने पर ही वाहनों को प्रवेश दिया जाएगा।
मिर्जापुर में प्रयागराज बार्डर पर हाईवे पर हजारों वाहन खड़े हैं। डीएम और एसपी ने खुद मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। प्रशासन ने हाईवे पर वाहनों को होल्डिंग एरिया में रोका है, जिससे बसें और अन्य वाहन घंटों फंसे रहे।
जम्मू-कश्मीर के दंपति माणिक शर्मा और उनकी पत्नी को अयोध्या दर्शन का कार्यक्रम रद्द करना पड़ा। पांच घंटे तक बस में बैठने के बाद उन्हें बिना दर्शन लौटना पड़ा।
आज़मगढ़, वाराणसी और गोरखपुर से प्रयागराज जाने वाली बसों को रोक दिया गया। गोरखपुर के यात्रियों को बसें नहीं मिलने से घंटों इंतजार करना पड़ा। रेलवे स्टेशन पर भी प्रयागराज जाने वाली कोई ट्रेन उपलब्ध नहीं थी।
फतेहपुर नेशनल हाईवे पर श्रद्धालुओं ने अपनी रसोई चालू कर दी है। सामाजिक संगठनों ने उनके लिए मुफ्त चाय और भोजन की व्यवस्था की है। लेकिन संगम में स्नान किए बिना श्रद्धालु लौटने को तैयार नहीं हैं।
रोडवेज बस परिचालक अशरफ अली ने बताया कि हादसे के कारण जगह-जगह बैरिकेटिंग की गई है, जिससे यात्री परेशान हैं। जहां पहले तीन घंटे में यात्रा पूरी होती थी, अब 8 से 9 घंटे लग रहे हैं।
1. मेला क्षेत्र पूरी तरह से नो-व्हीकल जोन घोषित कर दिया गया है. अब सभी प्रकार के वाहनों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगा दिया गया है.
2. शासन की तरफ से सारे VVIP पास रद्द कर दिए गए हैं. अब किसी भी विशेष पास के जरिए वाहन को महाकुंभ क्षेत्र में प्रवेश नहीं मिलेगा.
3. महाकुंभ क्षेत्र के सारे रास्ते वन-वे कर दिए गए. श्रद्धालुओं के सुगम आवागमन के लिए एक तरफा मार्ग व्यवस्था लागू कर दी गई है.
4. प्रयागराज में वाहनों के प्रवेश पर रोक लगा दी गई है. प्रयागराज से सटे जिलों से आने वाले वाहनों को जिले की सीमा पर रोका जा रहा है.
5. शासन की तरफ से 4 फरवरी तक ये सख्त प्रतिबंध लागू रहेंगे. इसी के साथ शहर में 4 पहिया वाहनों की एंट्री पर पूरी तरह से रोक लगा दी गई है.
प्रशासन का कहना है कि इन बदलावों का उद्देश्य महाकुंभ क्षेत्र में भीड़ को नियंत्रित करना और श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करना है. श्रद्धालुओं से अपील की गई है कि वे प्रशासन के निर्देशों का पालन करें और किसी भी तरह की अव्यवस्था से बचने में सहयोग करें.
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