चिकित्सा नैतिकता का उल्लंघन: DOP ने NMC को 30 स्वास्थ्य पेशेवरों के खिलाफ कार्रवाई का निर्देश दिया

चिकित्सा नैतिकता का उल्लंघन: DOP ने NMC को 30 स्वास्थ्य पेशेवरों के खिलाफ कार्रवाई का निर्देश दिया

नई दिल्ली, 30 दिसंबर: भारत सरकार के फार्मास्युटिकल विभाग (DOP) ने नेशनल मेडिकल कमीशन (NMC) को निर्देश दिया है कि वह भारतीय चिकित्सा परिषद (पेशेवर, आचरण, शिष्टाचार और नैतिकता) विनियम, 2002 का उल्लंघन करने वाले 30 स्वास्थ्य पेशेवरों के खिलाफ कार्रवाई करें। इन पेशेवरों का नाम मेडिकल एस्थेटिक्स और एंटी-एजिंग उत्पादों, विशेष रूप से बोटोक्स और जुवेडर्म, से जुड़ी एक विवाद में सामने आया है।

फार्मास्युटिकल विभाग ने इस संबंध में एक विशेष ऑडिट किया, जिसके दौरान पाया गया कि ये स्वास्थ्य पेशेवर फार्मास्युटिकल कंपनी मेसर्स एबवी हेल्थकेयर इंडिया प्राइवेट लिमिटेड से मोनाको और पेरिस में आयोजित सम्मेलन में भाग लेने के लिए यात्रा टिकट और होटल आवास की सुविधाएं प्राप्त कर रहे थे।

क्या है मामला?

यह विवाद तब शुरू हुआ जब मई 2024 में एक गुमनाम शिकायत प्राप्त हुई, जिसमें आरोप था कि एबवी हेल्थकेयर ने मेडिकल एस्थेटिक्स और एंटी-एजिंग उत्पादों से जुड़े दो प्रमुख सम्मेलन (1 से 3 फरवरी और 26 से 29 मार्च, 2024) के बहाने इन स्वास्थ्य पेशेवरों को मोनाको और पेरिस में यात्रा और आवास प्रदान किए थे।

शिकायत में कहा गया कि एबवी ने इन यात्रा सुविधाओं के माध्यम से चिकित्सा नैतिकता और विपणन प्रथाओं का उल्लंघन किया है। शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया कि यह प्रक्रिया यूनिफ़ॉर्म कोड फॉर फार्मास्युटिकल मार्केटिंग प्रैक्टिसेस (UCPMP) 2024 का उल्लंघन करती है, जिसके अनुसार कोई भी दवा कंपनी स्वास्थ्य सेवा पेशेवरों या उनके परिवार के सदस्य को यात्रा सुविधा या सशुल्क छुट्टियां प्रदान नहीं कर सकती, जब तक कि वे सीएमई या सीपीडी कार्यक्रम के वक्ता न हों।

DOP की जांच और कार्रवाई

फार्मास्युटिकल विभाग द्वारा किए गए विशेष ऑडिट में यह पुष्टि की गई कि एबवी ने इन 30 स्वास्थ्य पेशेवरों के लिए मोनाको और पेरिस में विदेशी छुट्टियां प्रायोजित की थीं, जो स्पष्ट रूप से UCPMP के खिलाफ था। इसके बाद DOP ने NMC से इन पेशेवरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने का निर्देश दिया है।

आगे की कार्रवाई

इस मामले में सख्त कार्रवाई की सलाह देते हुए विभाग ने यह भी कहा है कि केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (CBDT) को एबवी हेल्थकेयर इंडिया प्राइवेट लिमिटेड और इन 30 स्वास्थ्य पेशेवरों की कर देयता का मूल्यांकन करना चाहिए। इसके साथ ही आयकर अधिनियम, 1961 के तहत उचित कार्रवाई करने की सिफारिश की गई है।

फार्मास्युटिकल विभाग ने यह सुनिश्चित करने के लिए कि इस प्रकार की अनैतिक विपणन प्रथाओं का कड़ाई से पालन किया जाए, मेसर्स एबवी हेल्थकेयर इंडिया प्राइवेट लिमिटेड को फटकार लगाई है। इस मामले में आगे क्या कार्रवाई होती है, यह देखना दिलचस्प होगा।

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