भाजपा में बड़ा फेरबदल: जनवरी में यूपी-एमपी समेत 7 राज्यों में बदले जाएंगे प्रदेश अध्यक्ष, फरवरी तक मिलेगा नया राष्ट्रीय अध्यक्ष

भाजपा में बड़ा फेरबदल: जनवरी में यूपी-एमपी समेत 7 राज्यों में बदले जाएंगे प्रदेश अध्यक्ष, फरवरी तक मिलेगा नया राष्ट्रीय अध्यक्ष

नई दिल्ली। भाजपा (भारतीय जनता पार्टी) के संगठन में बड़े स्तर पर बदलाव की तैयारी की जा रही है। जनवरी के अंत या फरवरी की शुरुआत में पार्टी को नया राष्ट्रीय अध्यक्ष मिल सकता है। इसके पहले 15 जनवरी तक 50 प्रतिशत राज्यों में संगठन चुनाव संपन्न कराए जाने की योजना है।

7 राज्यों में बदले जाएंगे प्रदेश अध्यक्ष

मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, गुजरात, पश्चिम बंगाल, जम्मू-कश्मीर और झारखंड में प्रदेश अध्यक्षों को बदला जाएगा। लोकसभा और विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखते हुए यह बदलाव किया जा रहा है।

जेपी नड्डा का कार्यकाल खत्म

जेपी नड्डा को जून 2019 में कार्यकारी अध्यक्ष और जनवरी 2020 में पूर्णकालिक अध्यक्ष बनाया गया था। उनका तीन साल का कार्यकाल 2023 में समाप्त हो गया था। हालांकि, चुनावों को देखते हुए उनका कार्यकाल बढ़ाया गया।
भाजपा के संविधान के अनुसार, कोई भी व्यक्ति अधिकतम दो कार्यकाल तक अध्यक्ष पद पर रह सकता है। नड्डा के केंद्रीय मंत्रिमंडल में शामिल होने की चर्चा के चलते उनके दोबारा अध्यक्ष बनने की संभावना कम हो गई है।

युवाओं को संगठन में मिलेगा मौका

भाजपा ने युवाओं को संगठन में मौका देने के लिए आयु सीमा निर्धारित की है। मंडल अध्यक्ष की उम्र 35 से 45 वर्ष और जिलाध्यक्ष की उम्र 45 से 60 वर्ष के बीच होनी चाहिए। जिलाध्यक्ष बनने के लिए संगठन में 7-8 साल का अनुभव जरूरी है।

राष्ट्रीय अध्यक्ष चुनाव की प्रक्रिया

भाजपा के संविधान के अनुसार, राष्ट्रीय अध्यक्ष का चुनाव निर्वाचक मंडल द्वारा किया जाता है। इसमें राष्ट्रीय और प्रदेश परिषदों के सदस्य शामिल होते हैं। अध्यक्ष बनने के लिए व्यक्ति को कम से कम 15 साल तक पार्टी का प्राथमिक सदस्य होना अनिवार्य है।

संगठनात्मक ढांचा

भाजपा का संगठन राष्ट्रीय से लेकर स्थानीय स्तर तक सात भागों में विभाजित है। इसमें राष्ट्रीय परिषद और कार्यकारिणी से लेकर क्षेत्रीय, जिला, मंडल और ग्राम स्तर तक समितियां शामिल होती हैं।

बैठक में हुई चुनाव की रणनीति पर चर्चा

संगठन चुनावों को लेकर रविवार को दिल्ली में बैठक हुई, जिसमें पार्टी अध्यक्ष जेपी नड्डा, संगठन महामंत्री बीएल संतोष, राष्ट्रीय महासचिव और चुनाव प्रभारी शामिल हुए। इसके अलावा राज्यों के प्रदेश अध्यक्ष, संगठन मंत्री और चुनाव अधिकारी भी मौजूद रहे। बैठक में संगठन चुनावों की प्रक्रिया को सुचारू रूप से पूरा करने पर जोर दिया गया।

भाजपा की नई रणनीति

इन बदलावों के जरिए भाजपा अपनी संगठनात्मक मजबूती बढ़ाने और 2024 के लोकसभा चुनावों के लिए बेहतर रणनीति तैयार करने की कोशिश कर रही है। नए चेहरों को जिम्मेदारी देकर पार्टी युवा और अनुभवी नेताओं के संतुलन को साधने की योजना बना रही है।

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