नई दिल्ली। देश की राजनीति में संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अंबेडकर को लेकर सियासत गरमा गई है। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के 17 दिसंबर को राज्यसभा में दिए बयान को लेकर कांग्रेस ने भाजपा पर अंबेडकर का अपमान करने का आरोप लगाया है। हालांकि, भाजपा ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कांग्रेस पर पलटवार किया है।
कांग्रेस का कहना है कि अमित शाह ने अपने बयान में डॉ. अंबेडकर का अपमान किया है। कांग्रेस ने दावा किया कि शाह ने कहा, "कांग्रेस अब बार-बार अंबेडकर का नाम ले रही है। अगर कांग्रेस भगवान का नाम इतनी बार लेती तो भगवान भी प्रकट हो जाते।" कांग्रेस इसी बयान को डॉ. अंबेडकर के प्रति अपमानजनक बता रही है।
केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने कांग्रेस के आरोपों को नकारते हुए स्पष्टीकरण दिया कि उनके बयान को संदर्भ से हटकर पेश किया गया है। उन्होंने कहा कि उनका बयान कांग्रेस के अंबेडकर विरोधी इतिहास को उजागर करने के लिए था। शाह ने बताया कि कांग्रेस ने अपने शासनकाल में डॉ. अंबेडकर के साथ किस प्रकार दुर्व्यवहार किया और उनके योगदान को नकारने का प्रयास किया।
अमित शाह पर लगे आरोपों के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी भाजपा के बचाव में उतरे। उन्होंने सोशल मीडिया पर कांग्रेस की आलोचना करते हुए कहा कि भाजपा और उनकी सरकार डॉ. अंबेडकर के आदर्शों के प्रति प्रतिबद्ध है। पीएम मोदी ने कांग्रेस के अंबेडकर विरोधी इतिहास को उजागर करते हुए बताया कि किस प्रकार कांग्रेस ने डॉ. अंबेडकर को भारत रत्न देने में भी देर की।
भाजपा ने कांग्रेस पर पलटवार करते हुए कहा कि डॉ. अंबेडकर के जीवनकाल में कांग्रेस ने उन्हें अपमानित करने में कोई कसर नहीं छोड़ी। पार्टी ने आरोप लगाया कि तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने अंबेडकर को केंद्रीय कानून मंत्री पद से इस्तीफा देने के लिए मजबूर किया और उनके खिलाफ चुनाव में हराने के प्रयास किए।
भाजपा ने कांग्रेस के अंबेडकर विरोधी चेहरे को उजागर करने के लिए ऐतिहासिक उदाहरण दिए। उन्होंने कहा कि 1990 में जब वीपी सिंह प्रधानमंत्री बने, तब जाकर डॉ. अंबेडकर को मरणोपरांत भारत रत्न से सम्मानित किया गया। इससे पहले कांग्रेस ने उन्हें यह सम्मान नहीं दिया।
भाजपा ने कहा कि पीएम मोदी ने हमेशा डॉ. अंबेडकर के योगदान को महत्व दिया है। उनके जीवन से जुड़े स्थानों को संरक्षित किया गया है, यहां तक कि इंग्लैंड के उस घर को भी संरक्षित किया गया है, जहां डॉ. अंबेडकर ने अपनी पढ़ाई की थी।
कांग्रेस और भाजपा के बीच इस मुद्दे पर आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है। जहां कांग्रेस इसे भाजपा की विफलता से ध्यान भटकाने का प्रयास बता रही है, वहीं भाजपा इसे कांग्रेस की साजिश मान रही है।
यह विवाद आगामी लोकसभा चुनावों के मद्देनजर और भी गहरा सकता है, क्योंकि दोनों दल डॉ. अंबेडकर के नाम को लेकर अपनी-अपनी राजनीतिक जमीन मजबूत करने का प्रयास कर रहे हैं।
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