विजिलेंस कार्रवाई के बाद जागा रेल प्रशासन, जनशताब्दी में वेटिंग यात्रियों को सीट देने के जारी किए आदेश

विजिलेंस कार्रवाई के बाद जागा रेल प्रशासन, जनशताब्दी में वेटिंग यात्रियों को सीट देने के जारी किए आदेश

कोटा।  रेलवे बोर्ड विजिलेंस की कार्रवाई के बाद रेल प्रशासन की आंखें खुली हैं। शनिवार को प्रशासन ने जनशताब्दी की खाली सीटें प्रतीक्षारत यात्रियों को देने के आदेश जारी किए हैं। प्रशासन ने अपने आदेश में कहा है कि टीटीई को अतिरिक्त सीटें आरक्षण चार्ट पर अंकित करना जरूरी होगा। टीटीई को इसकी सूचना प्रशासन को भी देनी होगी। प्रशासन ने चेतावनी दी है कि इसमें किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
नियमानुसार आदेश गलत
सूत्रों ने बताया कि नियमानुसार यह आदेश ही गलत हैं। रेलवे किसी भी प्रतीक्षारत यात्रियों को सफर की अनुमति नहीं देती। कोरोना काल में तो इस पर विशेष रोक लगाई हुई है। कोरोना काल में सिर्फ कंफर्म टिकट वालों को ही स्टेशन पर प्रवेश की अनुमति है। इसके बाद भी रेलवे द्वारा प्रतीक्षारत यात्रियों को सीटें देने के आदेश जारी कर रही है। हालांकि यह आदेश सोशल मीडिया पर दिया गया है। इस आदेश पर किसी अधिकारी के हस्ताक्षर भी नहीं है। ऐसे में टीटीई इस आदेश को कितना महत्व देंगे, यह देखने वाली बात होगी।
जांचने की नहीं व्यवस्था
सूत्रों ने बताया कि खाली सीटें वास्तव में प्रतीक्षारत यात्रियों को मिली या नहीं इस बात को जांचने की प्रशासन के पास फिलहाल कोई व्यवस्था नहीं है। इसका फायदा उठा कर टीटीइयों द्वारा प्रतीक्षारत लिस्ट से किसी भी यात्री के नाम भेजने की आशंका बनी रहेगी। जांच की व्यवस्था नहीं होने के कारण यात्रियों को इसका पता भी नहीं चलेगा।
सूत्रों ने बताया कि इसमें प्राथमिकता भी सबसे बड़ी बाधा है। नियमानुसार प्रतीक्षारत यात्रियों को प्राथमिकता के आधार पर खाली सीटों का आवंटन किया जाता है। जन शताब्दी में कई बार प्रतीक्षारत यात्रियों की सूची सात-आठ सौ तक पहुंच जाती है। इतने यात्रियों में से टीटीई को प्राथमिकता के आधार पर खाली सीटें आवंटित करना लगभग असंभव है। यात्रियों के पास कोच में खाली सीटों की जानकारी प्राप्त करने का टीटीई के अलावा कोई जरिया भी। नहीं है ऐसे में यात्री खाली सीटों पर अपना दावा भी नहीं कर पाते। यही कारण है कि सीटें बेचने का खेल लगातार जारी है।
6 महीने सोया रहा प्रशासन
उल्लेखनीय है कि कोटा- निजामुद्दीन जनशताब्दी (02059-60) एक्सप्रेस में नए कोचों के कारण पिछले करीब 6 महीने से 108 सीट खाली जा रही हैं। आरक्षण नहीं होने के कारण इन सीटों को दलालों के माध्यम से रोजाना बेचा जा रहा है। जबकि प्रशासन इससे अनजान बना रहा और टीटीई को पहले दिन से ही इसकी जानकारी है।
इसके बाद पिछले महीने रेलवे बोर्ड विजिलेंस ने दो बार कार्रवाई कर बिना टिकट यात्रियों को पकड़ा था। रेलवे मजिस्ट्रेट ने भी एक बार बिना टिकट यात्रियों को मथुरा स्टेशन पर उतारा था। इसके बाद भी प्रशासन की आंखें नहीं खुलीं। 20 दिन पहले मीडिया में भी यह मामला सामने आया था।
इसके बाद थोड़ा सा जगे प्रशासन ने क्रिश को मामले से अवगत करा कर अपनी जिम्मेदारी पूरी समझ ली। लेकिन शुक्रवार को रेलवे बोर्ड विजिलेंस द्वारा की गई कार्रवाई के बाद प्रशासन ने आनन-फानन में सीटों के आवंटन के आदेश जारी कर दिए। ऐसे उदाहरण शायद ही कहीं देखने को मिले जहां कई कई कार्रवाई के बाद प्रशासन की आंखें खुलती हैं।

G News Portal G News Portal
29 0

0 Comments

No comments yet. Be the first to comment!

Leave a comment

Please Login to comment.

© G News Portal. All Rights Reserved.