कोटा।रेलवे मान्यता चुनाव में हारने के बाद पश्चिम-मध्य रेलवे एम्पलाइज यूनियन की कई सुविधाएं समाप्त कर दी गई हैं। जबलपुर मुख्यालय ने मंगलवार को इस संबंध में आदेश जारी किए। उप मुख्य कार्मिक अधिकारी संजय कुमार द्वारा जारी आदेश में यूनियन का नाम स्पष्ट नहीं किया गया, लेकिन यह कर्मचारियों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है।
आदेश के अनुसार, मान्यता चुनाव में पराजित यूनियन का कार्यालय, प्रतिनियुक्ति, सीयूजी सिम और कार्ड पास जैसी सुविधाएं समाप्त कर दी जाती हैं। अब एम्पलाइज यूनियन को सभी जगहों पर अपना ऑफिस खाली करना होगा और प्रतिनियुक्ति पर तैनात पदाधिकारियों को वापस नौकरी पर जाना होगा।
इस निर्णय के तहत कोटा मंडल में प्रतिनियुक्ति पर कार्यरत यूनियन के महामंत्री मुकेश गावव और सहायक महामंत्री नरेश मालव को अब अपनी जिम्मेदारियों में बदलाव करना होगा।
नई व्यवस्था के तहत यूनियन पदाधिकारियों से रेलवे द्वारा जारी सीयूजी सिम और कार्ड पास की सुविधा भी वापस ली जाएगी। इसका असर यूनियन के कार्यों और पदाधिकारियों पर स्पष्ट रूप से दिखाई देगा।
4 से 6 दिसंबर तक हुए मान्यता चुनाव में मजदूर संघ ने अपनी मान्यता को बनाए रखा। मजदूर संघ को कुल 40.01% वोट मिले, जबकि एम्पलाइज यूनियन केवल 32.77% वोट ही हासिल कर पाई। रेलवे मान्यता के लिए 35% वैध मतों की आवश्यकता होती है, जो एम्पलाइज यूनियन पूरी नहीं कर पाई।
पूरे जोन में कुल 51,260 में से 45,177 कर्मचारियों ने मतदान किया था। मजदूर संघ को 17,682 वोट मिले, जबकि एम्पलाइज यूनियन को 14,727 वोट मिले। इस हार के चलते रेलवे ने यूनियन की मान्यता समाप्त कर दी और केवल मजदूर संघ को ही मान्यता प्रमाण-पत्र जारी किया।
इस फैसले के बाद कर्मचारियों के बीच चर्चाओं का माहौल बना हुआ है। प्रतिनियुक्ति और अन्य सुविधाओं के खत्म होने से यूनियन की कार्यक्षमता पर सवाल उठने लगे हैं।
रेलवे द्वारा मान्यता चुनाव के परिणामस्वरूप एम्पलाइज यूनियन को बड़ा झटका लगा है। मजदूर संघ ने अपनी स्थिति मजबूत कर ली है, जबकि एम्पलाइज यूनियन को अब अपनी भूमिका पर पुनर्विचार करना होगा।
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