सीबीआई ने दर्ज किया केस, कई स्थानों पर छापे
कोटा। रेलवे में डमी अभ्यर्थी के जरिए नौकरी हासिल करने के बड़े मामले में जयपुर केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने केस दर्ज किया है। रिपोर्ट में अज्ञात अधिकारी, कर्मचारी, निजी व्यक्ति के साथ-साथ सोगरिया में पाइंटमैन के पद पर कार्यरत आशा मीणा और डमी कैंडिडेट लक्ष्मी मीणा के नाम शामिल हैं। यह मामला पश्चिम-मध्य रेलवे सतर्कता विभाग द्वारा सीबीआई को भेजा गया था।
कोटा, करौली और अलवर में छापेमारी
शुक्रवार को सीबीआई ने कोटा, करौली और अलवर सहित कई स्थानों पर एक साथ छापेमारी की। कोटा में फर्जी नियुक्ति से जुड़े कर्मचारी के घर पर तीन घंटे तक पूछताछ और तलाशी अभियान चला। इसके अलावा एक पाइंटमैन और एक निजी व्यक्ति के घर पर भी छापेमारी की गई। सीबीआई की इस कार्रवाई से रेलवे विभाग में हड़कंप मच गया। अधिकारी और कर्मचारी एक-दूसरे से मामले की जानकारी लेते नजर आए।
जल्द हो सकता है बड़ा खुलासा
सूत्रों के अनुसार, सीबीआई इस मामले में जल्द ही बड़ा खुलासा कर सकती है। मामले में रेलवे के कई बड़े अधिकारियों के नाम सामने आ सकते हैं। गिरोह पर डमी कैंडिडेट्स के जरिए फर्जी तरीके से युवक-युवतियों को रेलवे में भर्ती कराने का आरोप है। इसके लिए फोटो, फिंगर प्रिंट और हस्ताक्षर में हेरफेर जैसी तकनीकों का उपयोग किया जाता था।
'जी न्यूज़ पोर्टल ' ने किया था खुलासा
उल्लेखनीय है कि इस मामले को सबसे पहले 'जी न्यूज़ पोर्टल ' ने 30 सितंबर के अंक में "डमी अभ्यर्थी बैठाकर रेलवे में हासिल की नौकरी" शीर्षक से उजागर किया था। इसके बाद 29 नवंबर को "डमी अभ्यर्थी से नौकरी लगी महिला निलंबित" और 3 जनवरी को "बर्खास्त हो सकती है सपना मीणा" नामक खबरें प्रकाशित की गई थीं।
रेलवे की सख्त कार्रवाई
इस मामले में मनीष मीणा की शिकायत के बाद रेलवे ने नवंबर में सपना मीणा और आशा मीणा को निलंबित कर दिया था। इसके बाद एक अन्य कर्मचारी भी निलंबित किया गया। हाल ही में सपना मीणा को आरोप-पत्र थमाया गया है, जिसके बाद माना जा रहा है कि उन्हें नौकरी से हटाया जा सकता है।
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