रेलवे में मचा हड़कंप, माल गोदाम दौड़े अधिकारी, अधिक भाड़े का माल कम किराए में भेजने का मामला

रेलवे में मचा हड़कंप, माल गोदाम दौड़े अधिकारी, अधिक भाड़े का माल कम किराए में भेजने का मामला

रेलवे में मचा हड़कंप, माल गोदाम दौड़े अधिकारी, अधिक भाड़े का माल कम किराए में भेजने का मामला
कोटा। अधिक भाड़े का माल कम किराए में भेजने का मामला सामने आने के बाद रेलवे में हड़कंप मचा हुआ है। मामला सामने आते ही सुबह सबसे अधिकारी माल गोदाम की ओर दौड़ पड़े। यहां अधिकारियों ने माल परिवहन संबंधित सभी कागजातों की जांच की। साथ ही मामले को लेकर स्टाफ से भी पूछताछ की। अधिकारियों ने व्यापारियों से भी भेजे जाने वाले माल की जानकारी ली। रेलवे मामले की जांच कर रही है।
मुख्यालय तक सुनाई दी गूंज
सूत्रों ने बताया कि इस मामले की गुंज पश्चिम-मध्य रेलवे जबलपुर मुख्यालय तक भी सुनाई दी है। मुख्यालय अधिकारियों के साथ विजिलेंस ने भी मामले की जानकारी ली है। सूत्रों ने बताया कि रेलवे ने माल पहुंचने वाली जगह गुवाहाटी स्थित चानसारी स्टेशन पर भी स्टाफ को अलर्ट किया है। यहां पर माल गाड़ी अभी पहुंची नहीं है। यहां पर स्टॉफ को मालगाड़ी से उतरने वाले कोटा स्टोन की जांच को कहा गया है।
गायब हो सकता है माल
सूत्रों ने बताया कि लंबे समय से चल रहा यह पूरा खेल विभिन्न विभागों के आपसी मिलीभगत के संभव नहीं है। ऐसे में चानसारी में कोई गारंटी नहीं है कि मालगाड़ी से कोटा स्टोन उतरने की पुष्टि हो जाए। पहले भी एक-दो मामले ऐसे सामने आ चुके हैं जब शिकायत के बाद मालगाड़ी पहुंचने पर माल मौके पर बरामद ही नहीं हुआ। कोई बड़ी बात नहीं है अगर इस मामले में भी ऐसा होता है तो। खबर को गलत साबित करने और अपने आप को पाक-साफ दिखाने की कोशिश में अधिकारी कोई भी कदम उठाने से शायद ही चुकें।
व्यवस्था में सुधार की जगह सूत्र की तलाश
सूत्रों ने बताया कि यह मामला सामने आने के बाद अधिकारी व्यवस्था में सुधार की जगह सूत्र की तलाश में जुटे हुए हैं। व्यवस्था को चाक-चौबंद करने की जगह अधिकारी दिनभर अपनी उर्जा सूत्र की तलाश में खपाते रहे।
यह है मामला
उल्लेखनीय है कि कोटा माल गोदाम से शुक्रवार को एक मालगाड़ी चानसारी के लिए रवाना हुई थी। इस मालगाड़ी के कोटा स्टोन भी भरा गया था। लेकिन व्यापारी ने रेलवे को इस कोटा स्टोन की कोई जानकारी नहीं दी। अधिकारियों ने भी माल गाड़ी में भरने वाले माल की जांच करना जरूरी नहीं समझा। बाद में व्यापारी ने भाड़ा बचाने के कोटा स्टोन की जगह कम किराए का दूसरा माल दर्शा दिया। इससे रेलवे को एक ही ट्रिप में लाखों रुपए का घाटा लग गया।
अधिकारियों ने बताया कि कोटा माल गोदाम में यह काम लंबे समय से किया जा रहा है। इससे रेलवे को अब तक करोड़ों रुपए का घाटा लग चुका है। रेलवे बोर्ड के नियम के बाद भी जहां ऑनलाइन की जगह मैनुअली काम किया जा रहा है। ताकि यह गड़बड़ी इसी तरह चलती रहे।

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