कोटा। कोटा रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर एक पर मंगलवार को स्टॉल संचालक और ट्रॉली वेंडर के बीच जमकर तकरार हुई। स्टॉल के सामने ट्रॉली खड़ी करने जैसी मामूली बात से शुरू हुआ विवाद गाली-गलौज और मारपीट की नौबत तक पहुँच गया। हालांकि, ट्रेन के समय धंधा प्रभावित होने के डर से मामला शांत हो गया, लेकिन दोनों पक्षों ने एक-दूसरे को देख लेने की धमकी दी है।
जानकारी के अनुसार, प्लेटफार्म नंबर एक पर हाल ही में एक नई स्टॉल खुली है। मंगलवार को जब ट्रेन आने का समय हुआ, तो एक ट्रॉली वेंडर अपनी ट्रॉली लेकर ठीक स्टॉल के सामने खड़ा हो गया। स्टॉल संचालक ने इसका विरोध करते हुए ट्रॉली हटाने को कहा, जिस पर दोनों पक्ष उग्र हो गए। देखते ही देखते दोनों के बीच तीखी बहस शुरू हो गई और उन्होंने एक-दूसरे पर नियम विरुद्ध खाद्य सामग्री बेचने के गंभीर आरोप भी लगाए।
स्टेशन स्टाफ और प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि प्लेटफार्म पर इस तरह के झगड़े अब आम बात हो गए हैं। ट्रेन आने के समय ज्यादा से ज्यादा बिक्री करने की होड़ में वेंडरों के बीच अक्सर कहासुनी होती रहती है। स्टाफ ने चेतावनी दी है कि यदि इन विवादों का कोई ठोस समाधान नहीं निकाला गया, तो भविष्य में यह बड़ी हिंसक घटना का रूप ले सकता है।
कोटा स्टेशन पर वेंडरों के बीच वर्चस्व की लड़ाई का इतिहास काफी पुराना और डरावना रहा है:
हो चुकी है फायरिंग: इससे पहले अवैध वेंडरों और आपसी रंजिश के चलते स्टेशन परिसर में फायरिंग जैसी संगीन वारदातें भी हो चुकी हैं।
सुरक्षा पर सवाल: बार-बार होने वाले इन झगड़ों के बावजूद आरपीएफ और जीआरपी द्वारा कोई सख्त मॉनिटरिंग या वेंडरों के लिए निश्चित स्थान तय नहीं किए जाने से यात्रियों की सुरक्षा पर भी खतरा बना रहता है।
रेलवे प्रशासन को चाहिए कि वह प्लेटफार्म पर ट्राॅली वेंडरों के खड़े होने का स्थान सुनिश्चित करे ताकि स्टॉल संचालकों और उनके बीच टकराव की स्थिति पैदा न हो।
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