2 लाख से ज्यादा बेरोजगारों को लगा झटका: टेक्निकल हेल्पर की भर्ती के बजाय ठेके पर दे दिए बिजली कंपनियों के ग्रिड सब-स्टेशन
प्रसारण निगम ने 132 केवी के 30 जीएसएस को मेंटेनेंस व ऑपरेशन के लिए सनसिटी एंटरप्राइजेज को तीन साल के लिए 20 करोड़ के ठेके पर दिया है….
जयपुर।
प्रदेश में आईटीआई होल्डर दाे लाख से ज्यादा युवा बेरोजगारों को सरकारी बिजली कंपनियों में टेक्निकल हेल्पर की नौकरी का सपना टूट रहा है। सरकारी बिजली कंपनियों ने ग्रिड सब-स्टेशन (जीएसएस) का संचालन ही प्राइवेट कंपनियों को ठेके पर देना शुरु कर दिया है। राजस्थान विद्युत प्रसारण निगम ने इसकी शुरूआत भी कर दी है। प्रसारण निगम ने 132 केवी के 30 जीएसएस को मेंटेनेंस व ऑपरेशन के लिए सनसिटी एंटरप्राइजेज को तीन साल के लिए 20 करोड़ के ठेके पर दिया है।
ऐसे में बिजली कंपनियों में टेक्निकल हेल्पर भर्ती का रास्ता बंद हो गया है। ऊर्जा मंत्री बीडी कल्ला का कहना है कि जीएसएस को ठेके पर देने के मामले की मेरे तक फाइल नहीं आई है। इसके बारे में अधिकारियों से पूछा जाएगा। टेक्निकल हेल्परों की भर्ती के मामले में भी अफसरों से बात की जा रही है।
तीनों डिस्कॉम भी ठेके पर देगी 2000 जीएसएस
जयपुर, जोधपुर व अजमेर डिस्कॉम भी 2 हजार से ज्यादा ग्रिड सब स्टेशन (जीएसएस) को चलाने के लिए कॉन्ट्रेक्टरों को ठेके पर दे रहा है। जयपुर व जोधपुर डिस्कॉम ने 1650 जीएसएस को ठेके की प्रक्रिया चल रही है। इस पर सालाना 80 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। टीडब्ल्यू विंग ने टेंडर मांगे है। जयपुर डिस्कॉम में 1384 ग्रिड सब स्टेशनों को 50 करोड़ रुपए में ठेके पर दिया जा रहा है। एक ग्रिड सब-स्टेशन के ऑपरेशन पर करीब 30 हजार रु. खर्च होंगे।
जीएसएस संचालन में टैरिफ आदेश की पालना नहीं
आरईआईसी ने 6 फरवरी 2020 को जारी टैरिफ ऑर्डर में यह आदेश दिया था कि ठेके पर दिए ग्रिड सबस्टेशन (जीएसएस) की जांच करने और वहां पर लगे ठेकाकर्मियों की मॉनिटरिंग करने के लिए कहा था। इसके लिए कमेटी भी बनाई जानी थी, लेकिन अब तक कोई कमेटी नहीं बनाई है। इससे जीएसएस की मेंटेनेंस व ऑपरेशन का कामकाज प्रभावित हो रहा है।
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