औषधालय में दवाएं नहीं मिलने से मरीजों को हो रही परेशानी

औषधालय में दवाएं नहीं मिलने से मरीजों को हो रही परेशानी

औषधालय में दवाएं नहीं मिलने से मरीजों को हो रही परेशानी

राजकीय आयुर्वेद औषधालय का मामला-गंगापुर सिटी
राजकीय आयुर्वेद औषालय में इन दिनों दवाओं का टोटा होने से रोगी उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। मरीजों ने बताया कि उनको आयुर्वेद की दवा नहीं मिलने से उन्हें महेंगे दामों में खरीदने को मजबर होना पड़ रहा है।आयुर्वेद पद्धति से उपचार कराने वालों को बाजार से मंहगी दामों में दवा खरीदनी पड़ रही है। मांग के अनुरुप दवाइयां नहीं मिलने से वर्षभर स्थिति रहती है।औषधालय में मात्र दो तीन प्रकार की दवा, आउटडोर में कमी करीब 3-4 माह पहले आयुर्वेद औषालय में 29 प्रकार की दवाइयां उपलब्ध थी, लेकिन अब मरीजो को मात्र दो तीन प्रकार की दवाइयां मिल रही है। शहर में कोरोना संक्रमण तथा मौसमी बीमारियों के चलते दवा की कमी रोगियों को काफी खल रही है। सभी दवाइयां नहीं मिलने से औषाधालय के आउटडोर में भी कमी आई है। पहले जहां करीब सौ रोगियों पहुंच रहे थे अब मात्र 30-35 ही मरीज आ रहे है। उनको भी बाजार की दवाएं लिखी जा रही है
अब भरतपुर से मिलती है दवा:
आयुर्वेद चिकित्सकों का कहना है कि पहले हर जिले में दवा का एक डिपो था और औषधालयों को सीधे जिले रसायन शालाओं के डिपो से आसानी से दवा उपलब्ध हो जाती। वर्तमान में जिला स्तर पूर्व में बने रसायन शालाओं के डिपों को सरकार ने बंद कर दिया और अब इसका डिपो भरतपुर मुख्यालय कर दिया जिसके कारण औषधी मिलने में काफी परेशानी होती है और समय भी अधिक लगता है।
बजट भी कम सूत्रों की माने तो इस वर्ष औषधालय को मात्रा 40 हजार रुपए की दवा ही उपलब्ध कराई गई है जबकि पिछले वर्ष 66 हजार 376 रुपए की दवा उपलब्ध कराई गई थी। दूसरी तरफ पहले की अपेक्षा अब मरीजों की संख्या में इजाफा हुआ है लेकिन दवा की कमी के कारण मरीजों को परेशानी होनी लगी। जबकि रोगियों के आउटडोर को देखते हुए हर वर्ष 2 लाख रुपए की दवा की औषधालय में आवश्यकता है।यह दवाओं की कमी आयुर्वेद औषधालय में संजीवनी वाल सुधा, गोदन्ती, आयुष 64, नेत्र बिंदू ड्रॉप, चूरन लवण भास्कर, त्रिफला,हिंद बास्तव अनियतिदरका चूरन,हीग भास्कर, दशमूलका सहित अन्य का अभाव है। कम आ रही है दवा औषधालय में दवा की कमी मरीजों के इलाज में बाधा पैदा कर रही है, साथ ही जिले से हटाकर डिपो भरतपुर कर दिया और दवाएं भरतपुर से आपूर्ति की जाती है। अस्पताल में दवा 17 अगस्त 2020 के बाद दवा की आपूर्ति नहीं होने से मरीजों को परेशानी हो रही है। मरीजों ने बताया कि सर्दी में चर्म रोगीयों की संख्या बढ़ रही है। लेकिन आयुर्वेदिक अस्पताल में चर्मरोगियों की कोई दवा उपलब्ध नहीं है। जिससे मरीजों को महेंगे दामों में दवा खरीदने को मजबूर होना पड़ रहा है।आयुर्वेदिक चिकित्सा अधिकारी डॉ. अब्दुल मुक्तदिर ने बताया कि औषधियां भेजने की मांग की है। लेकिन आपूर्ति अभी तक नहीं आई है। इन दिनों गिनी-चुनी दवाइयां बची है। दवाइयां की आपूर्ति के लिए रिपोर्ट भेजी है। दवा आने पर मरीजों को दी जाएगी।

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