राजस्थान ग्रामीण सेवा में चयनित अधिकारियों को पदोन्नति वेतन श्रृखंला के आधार पर
– नगरीय विकास मंत्री
नगरीय विकास मंत्री श्री शांति कुमार धारीवाल ने सोमवार को विधानसभा में बताया कि राजस्थान ग्रामीण सेवा में चयनित अधिकारियों को पदोन्नति पद वार के स्थान पर अब वेतन श्रृखंला के आधार पर निर्धारित की गई है।
श्री धारीवाल शून्यकाल में विधायक श्री संयम लोढ़ा द्वारा राजस्थान ग्रामीण विकास सेवा के अधिकारियों की पदौन्नति नहीं होने से उत्पन्न स्थिति के सम्बन्ध में रखे गये ध्यानाकर्षण प्रस्ताव का ग्रामीण विकास एवं पंचायतीराज मंत्री की ओर से जवाब दे रहे थे।
उन्होंने बताया कि राजस्थान ग्रामीण सेवा का गठन वर्ष 2007 में किया गया था और इसके गठन के बाद समय-समय पर भर्ती की गई, उन्होंने बताया कि भर्ती के साथ ही पदोन्नति के अवसर भी रखे गये और पदोन्नति होती रही है। श्री धारीवाल ने बताया कि इस सेवा के गठन के बाद वर्ष 2010 में प्रथम बैंच आया और प्रथम बैंच आने के बाद इनकी 5 वर्ष बाद पदोन्नति होनी चाहिए थी, लेकिन वर्ष 2017 में इस सेवा के अधिकारियों ने हड़ताल शुरू करदी और हड़ताल लम्बी चली।
नगरीय विकास मंत्री ने बताया कि इसके बाद सरकार के साथ वार्ता हुई और 19 मार्च 2020 को इनकी मांग मान ली गई। उन्होंने बताया कि इस समझौते के बाद एक अधिसूचना जारी कर पदौन्नति, पदवार के स्थान पर वेतन श्रृखंला के आधार पर करने का निर्धारण किया गया। उन्होंने बताया कि इस अधिसूचना के बाद विकास अधिकारी को विकास अधिकारी वरिष्ठ, प्रोजेक्ट ऑफिसर, एडिशनल चीफ, एडिनशल चीफ प्रोजेक्ट ऑफिसर, प्रोजेक्ट डायरेक्टर कम डिप्टी सैक्रेट्री और डिप्टी कमिश्नर के पद तक की वेतन श्रृखंला पर पहुंचना था और इन पर पदोन्नति भी की गई।
श्री धारीवाल ने बताया कि वेतन श्रृंखला के अनुसार ही जूनियर स्केल, सीनियर स्केल, सलेक्शन स्केल सुपर टाईम स्केल देने का प्रावधान भी किया गया। उन्होंने यह भी आश्वस्त किया कि पदों के निर्धारण के लिए सरकार के स्तर पर विचार चल रहा है और निर्णय होते ही निर्धारण कर दिया जायेगा।
उन्होंने इस सेवा के 68 अधिकारियों द्वारा इस्तीफा देने की बात को गलत बताते हुए कहा कि कई लोग दूसरी सेवा में चले गये, कई लोगों को पदोन्नति दे दी, कुल मिलाकर तीन लोगों ने इस्तीफा जरूर दिया है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इस्तीफा किन कारणों से दिया और अब वे कहां चले गये यह ज्ञात नहीं है।