जयपुर | प्रदेश में अप्रैल महीने में होने वाली विभिन्न भर्ती परीक्षाओं और बोर्ड व स्कूलों में होने वाली परीक्षाओं में टकराव देखने को मिलेगा। माध्यमिक शिक्षा बोर्ड द्वारा आयोजित REET 2021 की परीक्षा 25 अप्रैल को प्रस्तावित है, जबकि राजस्थान लोक सेवा द्वारा आयोजित की जाने वाली कॉलेज व्याख्याता भर्ती परीक्षा 4 अप्रैल से 11 अप्रैल और 2 मई से 5 मई तक आयोजित होगी।
उधर राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की 12वीं कक्षा की प्रायोगिक परीक्षाएं 1 अप्रैल से 30 अप्रैल के मध्य आयोजित होगी, जबकि कक्षा छठी व सातवीं की परीक्षाएं 15 से 22 अप्रैल और 9वीं से 11वीं की परीक्षाएं 22 अप्रैल से 3 मई तक आयोजित होगी। अप्रैल महीने में कोविड के दौर में एक साथ इतनी परीक्षाएं करवाना शिक्षा विभाग, माध्यमिक शिक्षा बोर्ड और राजस्थान लोक सेवा आयोग के लिए आसान काम नहीं है।
राजस्थान प्राथमिक एवं माध्यमिक शिक्षक संघ के महामंत्री महेन्द्र पांडे ने मांग की है कि प्रदेश में शिक्षा निदेशक की अध्यक्षता में परीक्षा नियंत्रण बोर्ड का गठन होना चाहिए, इसमें किसी भी विभाग, चयन बोर्ड द्वारा परीक्षा तिथि निर्धारण से पहले परीक्षा नियंत्रण बोर्ड की अनुमति अनिवार्य की जाए। इससे विभिन्न परीक्षाओं की तारीखों के बीच टकराव नहीं होगा और परीक्षाओं के लिए पर्याप्त स्थान की भी व्यवस्था हो जाएगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश में परीक्षा नियंत्रण बोर्ड न होने से हर वर्ष स्कूल की परीक्षाओं पर प्रभाव पड़ता है क्योंकि अन्य परीक्षाएं करवाने वाली परीक्षा एजेंसी और शिक्षा विभाग में समन्वय के अभाव में स्कूलों की परीक्षाओं के दिन अन्य परीक्षाएं होने से स्कूलों का परीक्षा कार्यक्रम प्रभावित होता है। अतः मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से मांग की गई है कि प्रदेश में शीघ्र परीक्षा नियंत्रण बोर्ड का गठन किया जाए
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