नगरीय विकास, आवासन एवं स्वायत्त शासन मंत्री ने की समीक्षा

नगरीय विकास, आवासन एवं स्वायत्त शासन मंत्री ने की समीक्षा

नगरीय विकास, आवासन एवं स्वायत्त शासन मंत्री ने
किशनबाग वानिकी परियोजना, रिंग रोड परियोजना (उत्तरी कॉरिडोर) एवं
राजस्थान इन्टरनेशनल सेन्टर की समीक्षा की
जयपुर, 9 जनवरी। नगरीय विकास, आवासन एवं स्वायत्त शासन मंत्री श्री शांति धारीवाल ने शनिवार को आयोजित समीक्षात्मक बैठक में जेडीए अधिकरियों के साथ किशनबाग वानिकी परियोजना, रिंग रोड परियोजना (उत्तरी कॉरिडोर) एवं राजस्थान इन्टरनेशनल सेन्टर पर गहनता से विचार-विमर्श किया।
मंत्री श्री शांति धारीवाल ने बताया कि किशनबाग रेगिस्तानी थीम पर आधारित विशेष प्रकार का पार्क है, जो 260 बीघा क्षेत्रफल में विकसित किया गया है। परियोजना के संधारण एवं प्रबंधन के लिए अनुभवी संस्था के चयन के लिए जेडीए की ओर से शीघ्र ही एक्सप्रेशन ऑफ इंटरेस्ट आमंत्रित की जाएगी। तत्पश्चात् परियोजना का लोकार्पण किया जाएगा।
विद्याधर नगर में स्थित स्वर्ण जयन्ती गार्डन के समीप किशनबाग गांव में नाहरगढ़ की तलहटी में प्राकृतिक रूप से बने रेत के टीबों के रूप में जविप्रा की यह भूमि अनुपयोगी पड़ी थी। साथ ही तीन तरफ से कच्ची बस्तियों से घिरे होने के कारण अतिक्रमण होती जा रही थी। इस भूमि पर 64.30 हैक्टर क्षेत्रफल में किशनबाग वानिकी परियोजना विकसित की गयी है। परियोजना सलाहकार श्री प्रदीप किशन को तत्समय जवाहर सर्किल, सेन्ट्रल पार्क, वुडलेण्ड पार्क आदि की भूमि भी पार्क विकसित करने के लिए दिखायी गयी थी, परन्तु श्री प्रदीप किशन द्वारा अपनी विशेषज्ञता के अनुरूप किशनबाग ग्राम की इस भूमि को ही चुना गया। इस बाग को विकसित करने का मुख्य उद्देश्य नाहरगढ़ के मौजूद रेतीले टीलों को स्थाई कर वहां पर पाये जाने वाले जीव जन्तुओं के प्राकृतिक वास को सुरक्षित कर संधारित करना एवं रेगिस्तान में प्राकृतिक रूप से पनपने वाली वनस्पति की प्रजातियों को विकसित कर जयपुर में एक सम्पूर्ण रेगिस्तान क्षेत्र का स्वरूप विकसित कर संधारित करना है। किशनबाग परियोजना का कार्य प्रसिद्ध इकोलोजिकल गार्डनर परियोजना सलाहकार श्री प्रदीप किशन की देख-रेख में किया गया है। इस परियोजना पर लगभग 1141.21 लाख रूपये व्यय किये जा चुके हैं।
श्री शांति धारीवाल ने बताया कि जयपुर विकास प्राधिकरण द्वारा 2887.03 करोड़ रुपये की लागत से 45 किमी लम्बाई में रिंग रोड परियोजना (आगरा रोड-दिल्ली रोड-उत्तरी कॉरिडोर) का निर्माण करवाया जाएगा, जिसमें पीएपी क्षेत्र का विकास कार्य, यूटीलिटी सर्विसेज की शिफ्टिंग, बिजली-पानी आदि सुविधाएं उपलब्ध होंगी। जेडीए द्वारा रिंग रोड परियोजना के दक्षिणी कॉरिडोर की तर्ज पर ही उत्तरी कॉरिडोर के लिए भूमि अवाप्त की जाकर रिंग रोड परियोजना का निर्माण करवाया जाएगा। रिंग रोड परियोजना (आगरा रोड-दिल्ली रोड-उत्तरी कॉरिडोर) के निर्माण से शहर के उत्तरी भाग का भी विकास होगा।
जयपुर विकास प्राधिकरण आयुक्त श्री गौरव गोयल ने बताया कि जेडीए द्वारा झालाना सांस्थानिक क्षेत्र में राजस्थान इंटनेशनल सेंटर का निर्माण लगभग 100 करोड़ रुपए की लागत से करवाया जायेगा। जिसमें कनवेंशन हॉल, ऑडिटोरियम एवं मिनी ऑडिटोरियम, कॉफ्रेंस हॉल, लेक्चरार हॉल, लाईब्रेरी एवं ई-लाईब्रेरी, रेस्टोंरेंट आदि होंगे। राजस्थान इंटनेशनल सेंटर का आंतरिक निर्माण राजस्थान राज्य की स्थापत्य कला की तर्ज पर किया जाएगा। सेंटर के निर्माण में जोधपुर, जैसलमेर एवं राजस्थान के अन्य जिलों के विशेष पत्थरों से करवाया जाएगा। यह सेंटर सात मंजिला होगा एवं राजस्थान इंटनेशनल सेंटर में पांच सितारा होटल की तर्ज पर एक गेस्ट हाउस का भी निर्माण किया जाएगा।
बैठक में प्रमुख शासन सचिव नगरीय विकास विभाग श्री भास्कर ए. सावंत द्वारा भी विचार-विमर्श पश्चात् कई महत्वपूर्ण सुझाव दिए गए। बैठक में प्रमुख जेडीए सचिव श्री हृदेयश शर्मा, निदेशक अभियांत्रिकी प्रथम एवं द्वितीय, निदेशक वित्त, निदेशक आयोजना, संयुक्त आयुक्त एवं सिस्टम एनालिस्ट के साथ अन्य आला अधिकारी उपस्थित थे।

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