ट्राईफेड की वन धन योजना हेतु बीडीओ, राजीविका व वन अधिकारियों के लिये वेबिनार आयोजित
वन धन विकास केन्द्रों की व्यवसाय कार्य योजना तैयार करने हेतु 200 कर्मियों को दिया प्रशिक्षण
जयपुर, 15 जनवरी। प्रमुख शासन सचिव, टीएडी श्री शिखर अग्रवाल के निर्देशन मेंट्राईबल कॉपरेटिव मार्केटिगं फेडरेशन लि0 नई दिल्ली ने शुक्रवार को राजसंघ के सहयोग से राज्य में वन धन विकास केन्द्रों की व्यवसाय योजना बनाने हेतु पंचायत समिति के विकास अधिकारियों, राजीविका एवं वन विभाग के अधिकारियों को एक वेबिनार के माध्यम से प्रशिक्षण दिया ।
आयुक्त, जनजाति क्षेत्रीय विकास विभाग, श्री जितेन्द्र उपाध्याय ने बताया कि इस वेबिनार में 2 चरण हुए इनमें 8 जिलों उदयपुर, डूंगरपुर, बांसवाड़ा, सिरोही, बांरा, प्रतापगढ़, कोटा व झालावाड़ जिले के लगभग 100-100 पंचायत समिति विकास अधिकारियों, डेटा एन्ट्री ऑपरेटरर्स, राजीविका एवं वन विभाग के अधिकारियों को प्रशिक्षण दिया ।
श्री उपाध्याय ने बताया कि वेबिनार के दोनों चरणों में ट्राईफेड की सीनियर प्रोग्राम एसोशियेट हलीमा सदफ व राज0 जनजाति क्षेत्रीय विकास सहकारी संध(राजससंध), उदयपुर के महा प्रबन्घक श्री लियाकत हुसैन ने वन धन विकास केन्द्रों के डेटा ट्राईफेड के पोर्टल पर डाले जाने व वन धन विकास केन्द्रों की व्यवसाय कार्य योजना बनाने हेतु गहन प्रशिक्षण दिया । वेबिनार के द्वारा दिये गये इस प्रशिक्षण को प्रमुख शासन सचिव टीएडी श्री शिखर अग्रवाल ने भी देखा ।
आयुक्त, टीएडी ने बताया कि वन धन विकास योजनान्तर्गत जनजाति उपयोजना, सहरिया तथा माडा क्षेत्र के उक्त 8 जिलों में अनुमानित 350 से 375 वन धन विकास केन्द्रों के गठन के प्रस्ताव तैयार किये जायेगें ।
उन्हाेंने बताया कि एक वन धन विकास केन्द्र पर लगभग 300 सदस्यों द्वारा क्षेत्र में लधु वन उपजों, कृषि उपजों, आयुर्वेदिक औषधियों का संग्रहण, मूल्य संवर्धन, पैकिगं एवं विपणन कार्य किये जायेगें जिससे इन केन्द्रों को आय अर्जित हो सकेगी ।
श्री उपाध्याय ने बताया कि ट्राईफेड द्वारा 300 सदस्यीय वन धन केन्द्र पर प्रशिक्षण एवं टूल किट मद में क्रमशः 5 एवं 10 लाख रूपये व्यय किये जायेगें ।