मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की अध्यक्षता में बुधवार को कैबिनेट आयोजित की गई, जिसमें कई बड़े फैसले लिए गए हैं. कैबिनेट बैठक के बाद मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौड़, जोगाराम पटेल और मंत्री सुमित गोदारा ने कैबिनेट बैठक में लिए गए निर्णय के बारे में जानकारी दी. कर्नल राज्यवर्धन सिंह ने बताया कि बैठक में राजस्थान एयरोस्पेस एण्ड डिफेन्स पॉलिसी को मंजूरी दी गई है, जिससे सीधे तौर युवाओं को जॉब के अवसर मिलेंगे. कैबिनेट बैठक में बाल विवाह को लेकर लड़के और लड़कियों की उम्र को लेकर भी बड़ा निर्णय लिया गया है.
कैबिनेट बैठक में अचल संपत्ति की बिक्री से संबंधित एक बिल को मंजूरी दी गई, जिसकी काफी चर्चा रही. इस बिल के तहत प्रदेश में कुछ विशेष क्षेत्रों में अचल संपत्तियों की बिक्री के संबंध में एक क़ानून बनाया जाएगा. सरकार कुछ ख़ास परिस्थितियों में कुछ क्षेत्रों को अशांत या डिस्टर्ब्ड क्षेत्र घोषित कर सकती है, और वहां अचल संपत्तियों की बिक्री या हस्तांतरण को लेकर पाबंदियां रहेंगी.
राजस्थान एयरोस्पेस एण्ड डिफेन्स पॉलिसी के बारे में राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने बताया कि राजस्थान को एयरोस्पेस और डिफेन्स मैन्युफैक्चरिंग का हब बनाने के उद्देश्य से इस पॉलिसी को मंजूरी दी गई है.
एयरोस्पेस एण्ड डिफेन्स उद्योगों को दीर्घकालिक राहत देने के लिए 7 साल तक बिजली शुल्क से 100 प्रतिशत छूट, 7 साल तक मंडी शुल्क या बाजार शुल्क का शत प्रतिशत पुनर्भरण, स्टाम्प शुल्क, रूपांतरण शुल्क में 75 प्रतिशत छूट और 25 प्रतिशत पुनर्भरण की व्यवस्था भी की गई है.
कैबिनेट बैठक में प्रदेश की पहली राजस्थान सेमीकंडक्टर पॉलिसी पर भी मुहर लगाई है. कर्नल राज्यवर्धन राठौड़ के मुताबिक, यह नीति निवेशकों को आकर्षित कर सेमीकंडक्टर क्षेत्र में स्वदेशी उत्पादन को बढ़ावा देगी और उच्च तकनीक आधारित रोजगार के नए अवसर सृजित करेगी. इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन के तहत अनुमोदित परियोजनाओं को आकर्षक प्रोत्साहन प्रदान किए जाएंगे. इनमें 7 साल तक बिजली से शत प्रतिशत छूट, स्टाम्प शुल्क भू-रूपांतरण शुल्क में 75 प्रतिशत छूट और 25 प्रतिशत पुनर्भरण शामिल है.
संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल ने बताया कि राजस्थान लोक सेवा आयोग (राजपत्रित स्टाफ) सेवा नियम एवं विनियम, 1991 में संशोधन किया जा रहा है. इससे RPSC में उप सचिव (परीक्षा), उप सचिव और परीक्षा नियन्त्रक के पदनाम को बदलकर उप सचिव हो जाएगा. RPSC ऑफिस में मुख्य परीक्षा नियन्त्रक (IAS) के पद सृजन के बाद परीक्षा नियन्त्रण से संबंधित कार्यों का दायित्व पहले से ही मुख्य परीक्षा नियन्त्रक द्वारा किया जा रहा है. आरपीएससी में सहायक सचिव और निजी सचिव संवर्ग से उप सचिव के पद पर पदोन्नति अब क्रमशः 10ः1 के अनुपात में की जाएगी.
इसके अलावा राजस्थान सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1971 में जरूरी संशोधन के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है. इस नियम में अब बाल विवाह निरोधक अधिनियम, 2006 के अनुरूप बालक की परिभाषा 21 वर्ष से कम आयु के पुरुष और 18 वर्ष से कम आयु की महिला के रूप में निर्धारित की गई है.
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