बर्खास्त सपना मीणा पर 8 लाख का लोन, जमानतदार फंसे

बर्खास्त सपना मीणा पर 8 लाख का लोन, जमानतदार फंसे

कोटा: डमी कैंडिडेट के जरिए नौकरी गंवाने वाली सपना मीणा की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। ताजा जानकारी के अनुसार, सपना मीणा ने रेलवे बैंक सोसाइटी से 8 लाख रुपए का लोन भी ले रखा है, जिसकी अभी तक मुश्किल से चार-पांच किस्तें ही जमा हुई हैं।

इस लोन के लिए रेलवे के दो कर्मचारियों ने सपना की जमानत दी थी। अब सपना के नौकरी से बर्खास्त होने के बाद बैंक अपने ऋण की वसूली के लिए इन जमानतदारों से संपर्क करेगा, जिससे जमानतदार कर्मचारी गहरे तनाव में आ गए हैं।

बताया जा रहा है कि सपना ने लोन की यह रकम अपने पति मनीष को दी थी। मनीष का कहना है कि उसने सपना की रेलवे में नौकरी लगवाने के लिए 15 लाख रुपए खर्च किए थे। हालांकि, बाद में दोनों के बीच अनबन हो गई और वे अलग रहने लगे। इसके बाद मनीष ने सपना से अपने 15 लाख रुपए वापस मांगे थे, जिसके एवज में सपना ने लोन लेकर उसे 8 लाख रुपए चुका दिए थे।

बर्खास्तगी बनी चर्चा का विषय

सपना और आशा मीणा की नौकरी से बर्खास्तगी का मामला शनिवार को पूरे दिन रेलवे कर्मचारियों और शहर में चर्चा का केंद्र बना रहा। लोग इस मामले की विस्तृत जानकारी जानने के लिए उत्सुक दिखे और इस खबर को एक-दूसरे के साथ खूब साझा किया। सोशल मीडिया पर भी इस खबर को लेकर लोगों ने जमकर अपनी प्रतिक्रियाएं दीं, जिनमें से कई लोगों ने इस फर्जीवाड़े में शामिल अधिकारियों पर भी कार्रवाई की मांग की।

क्या है पूरा मामला

गौरतलब है कि डमी कैंडिडेट के माध्यम से रेलवे में नौकरी हासिल करने के मामले में रेलवे प्रशासन ने सपना मीणा और आशा मीणा को उनकी सेवाओं से बर्खास्त कर दिया है। सपना टीआरडी विभाग में हेल्पर के पद पर कार्यरत थी, जबकि आशा सोगरिया स्टेशन पर पॉइंट्समैन के पद पर तैनात थी। सपना को लगभग 2 साल पहले नौकरी मिली थी।

सपना के पति मनीष ने आपसी अनबन के चलते रेलवे में उसकी फर्जी नौकरी की शिकायत दर्ज कराई थी। जांच में शिकायत सही पाए जाने के बाद रेलवे ने दोनों महिला कर्मचारियों को नौकरी से निकाल दिया।

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