आलोट/कोटा: आलोट रेलवे क्रॉसिंग नंबर 21 पर ओवरब्रिज निर्माण की मांग को लेकर रविवार को जन-आक्रोश फूट पड़ा। नगर वासियों के आह्वान पर पूरा कस्बा स्वतः स्फूर्त बंद रहा और प्रदर्शनकारियों ने रेलवे गेट पर ही डेरा डाल दिया। प्रशासन की तमाम अपीलों के बावजूद लोग घंटों धरने पर बैठे रहे और अपनी मांग पूरी न होने तक आंदोलन जारी रखने का संकल्प दोहराया।
रविवार सुबह से ही आलोट के बाजारों में सन्नाटा पसरा रहा। व्यापारियों, विभिन्न राजनीतिक दलों और स्थानीय संगठनों ने इस बंद को अपना पूर्ण समर्थन दिया, जिसके चलते आवश्यक सेवाओं को छोड़कर सभी प्रतिष्ठान बंद रहे। धरने में शामिल लोगों का कहना है कि रेलवे फाटक बंद रहने से शहर की रफ्तार रुक जाती है, जिससे व्यापार और आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं पर बुरा असर पड़ रहा है।
प्रदर्शनकारियों द्वारा पटरियों पर उतरने और ट्रेनों का परिचालन ठप करने की चेतावनी को देखते हुए प्रशासन पहले से ही मुस्तैद था। मौके पर तनावपूर्ण स्थिति को भांपते हुए भारी सुरक्षा बल तैनात किया गया:
सुरक्षा घेरा: आरपीएफ (RPF), जीआरपी (GRP) और सिविल पुलिस के जवानों ने क्रॉसिंग गेट और पटरियों के आसपास सुरक्षा घेरा बना लिया ताकि कोई भी ट्रैक तक न पहुँच सके।
निगरानी: कोटा मंडल रेल प्रशासन के अधिकारी भी पल-पल की स्थिति पर नजर बनाए हुए थे।
धरना प्रदर्शन के दौरान वक्ताओं ने कोटा मंडल रेल प्रशासन की कार्यप्रणाली पर कड़ा रोष व्यक्त किया। उन्होंने स्पष्ट रूप से चेतावनी दी है कि:
"अगर जल्द ही ओवरब्रिज का निर्माण कार्य धरातल पर शुरू नहीं किया गया, तो आने वाले दिनों में यह आंदोलन और भी उग्र होगा। जरूरत पड़ी तो रेलों का चक्का जाम भी किया जाएगा, जिसकी जिम्मेदारी रेल प्रशासन की होगी।"
फिलहाल, इस प्रदर्शन ने रेलवे प्रशासन पर दबाव बढ़ा दिया है। अब देखना यह है कि क्या यात्रियों और आम जनता की इस बुनियादी जरूरत को लेकर रेलवे कोई ठोस कदम उठाता है या नहीं।
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