राजस्थान - भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) कोटा की स्पेशल यूनिट टीम ने चित्तौड़गढ़ में एक बड़ी कार्रवाई करते हुए वन विभाग के रेंजर और सहायक वनपाल को 1.98 लाख रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। इस राशि में 78 हजार रुपये नकद और 1.2 लाख रुपये का चेक शामिल था।
रिश्वत की मांग और गिरफ्तारी
एसीबी के एएसपी मुकुल शर्मा ने बताया कि आरोपी रेंजर राजेंद्र चौधरी और सहायक वनपाल राजेंद्र कुमार मीणा ने बिल पास करने की एवज में रिश्वत की मांग की थी। शिकायतकर्ता ने बताया कि उनकी फर्म और उनके साथी की फर्म को वन क्षेत्र में ट्रेंच और गड्ढे खोदने का काम मिला था। बिलों का सत्यापन हो चुका था, लेकिन आरोपी अधिकारियों ने उन्हें पास करने के लिए रिश्वत की मांग की। सत्यापन के दौरान पहले ही 50 हजार रुपये ले लिए गए थे।
डीसीएफ ऑफिस में हड़कंप
कार्रवाई के दौरान डीसीएफ ऑफिस में हड़कंप मच गया और कई कर्मचारी चुपचाप निकल गए। एसीबी की टीम ने वहां मौजूद अधिकारियों से पूछताछ भी की। एएसपी मुकुल शर्मा ने बताया कि इस मामले में चित्तौड़गढ़ के अन्य अधिकारियों की मिलीभगत की आशंका है और इस संबंध में आगे जांच जारी है।
अन्य अधिकारियों पर भी जांच जारी
एसीबी ने आशंका जताई है कि बिल पास करने की प्रक्रिया में उच्च अधिकारियों की भी संलिप्तता हो सकती है। एडिशनल एसपी मुकुल शर्मा ने बताया कि पूरे प्रकरण की गहन पड़ताल की जाएगी और अन्य संदिग्ध अधिकारियों पर भी कार्रवाई संभव है।
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