कोटा। रेलवे में सुरक्षा और संरक्षा को लेकर बरती जा रही सख्ती के बीच बुधवार को एक बड़ी लापरवाही सामने आई। कोटा के अपर मंडल रेल प्रबंधक (ADRM) ललित कुमार धुरंधर ने सफर के दौरान एक मालगाड़ी के दरवाजे खुले देख तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए।
एडीआरएम ललित कुमार धुरंधर बुधवार को जनशताब्दी एक्सप्रेस से तुगलकाबाद की ओर जा रहे थे। जब उनकी ट्रेन गुडला स्टेशन से गुजर रही थी, तब उनकी नजर वहां खड़ी एक मालगाड़ी पर पड़ी जिसके दरवाजे खुले हुए थे। चलती ट्रेन या ट्रैक के किनारे खड़ी मालगाड़ी के खुले दरवाजे एक गंभीर खतरे का संकेत हैं।
मालगाड़ी के खुले दरवाजों को लेकर एडीआरएम ने सख्त नाराजगी जताई और तुरंत कंट्रोल रूम को सूचित कर इन्हें बंद करवाने के आदेश दिए। इसके बाद सोगरिया स्टेशन पर मालगाड़ी को अटेंड किया गया और सभी दरवाजों को सुरक्षित रूप से बंद करवाया गया।
क्यों खतरनाक हैं खुले दरवाजे?
सिग्नल पोल से टकराव: मालगाड़ी के खुले किवाड़ अक्सर रेल पटरी के किनारे लगे सिग्नल पोल या अन्य तकनीकी ढांचों से टकरा जाते हैं।
बड़ा हादसा: पोल से टकराने के बाद दरवाजा उखड़ सकता है या ट्रेन के पटरी से उतरने (Derailement) का कारण बन सकता है।
पूर्व की घटनाएं: कोटा मंडल में पहले भी खुले दरवाजों के कारण सिग्नल पोस्ट टूटने और दुर्घटनाओं की स्थिति बनने के कई मामले सामने आ चुके हैं।
"रेलवे में सुरक्षा सर्वोपरि है। मालगाड़ी के दरवाजों का खुला रहना परिचालन में बड़ी बाधा और दुर्घटना का कारण बन सकता है। ऐसी लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।" — प्रशासनिक सूत्र
#RailwaySafety #KotaDivision #ADRMKota #IndianRailways #WCR #TrainSafety #AlertOfficer #RailwayNews #KotaNews
No comments yet. Be the first to comment!
Please Login to comment.
© G News Portal. All Rights Reserved.