दुनिया को अलविदा कहने के बाद चार लोगों को नई जिंदगी दे गया गोविंद

दुनिया को अलविदा कहने के बाद चार लोगों को नई जिंदगी दे गया गोविंद

जयपुर, 31 दिसंबर: नीम का थाना निवासी गोविंद कुमार वाल्मिकी ने इस दुनिया को अलविदा कहने के बाद चार लोगों को नई जिंदगी दी है। 29 वर्षीय गोविंद के ब्रेन डेड घोषित होने के बाद उनके अंगदान से चार मरीजों को जीवनदान मिला। उनके हार्ट और किडनी का प्रत्यारोपण एसएमएस अस्पताल, जयपुर में किया गया, जबकि लिवर को जोधपुर एम्स वायु मार्ग से भेजा गया।

अंगदान की प्रक्रिया

एसएमएस अस्पताल के सीनियर प्रोफेसर डॉ. मनीष अग्रवाल ने बताया कि 24 दिसंबर को एक सड़क हादसे में गोविंद गंभीर रूप से घायल हो गए थे। उन्हें एसएमएस अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान उन्हें ब्रेन डेड घोषित कर दिया गया। चिकित्सकों ने उनके परिवार को अंगदान के लिए काउंसलिंग की। परिजनों की सहमति के बाद अंगदान की प्रक्रिया शुरू की गई।

अंग प्रत्यारोपण का कार्य

  • किडनी ट्रांसप्लांट: गोविंद की दोनों किडनी जयपुर के सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में प्रत्यारोपित की गईं। यह प्रक्रिया डॉ. शिवम प्रियदर्शी, डॉ. नचिकेत व्यास, डॉ. नीरज अग्रवाल और नेफ्रोलॉजी विभाग की टीम के निर्देशन में की गई।
  • हार्ट ट्रांसप्लांट: गोविंद का हार्ट कार्डियक सर्जन डॉ. अनिल शर्मा और उनकी टीम द्वारा एक मरीज में प्रत्यारोपित किया जा रहा है।
  • लिवर का प्रत्यारोपण: लिवर को वायु मार्ग से जोधपुर एम्स भेजा गया, जहां इसे एक मरीज में प्रत्यारोपित किया जाएगा।

अंगदान का महत्व

डॉ. मनीष अग्रवाल ने कहा कि अंगदान जीवन बचाने का सबसे बड़ा कार्य है। गोविंद के अंगदान ने चार परिवारों को नई उम्मीद दी है। यह समाज के लिए एक प्रेरणादायक उदाहरण है।

गोविंद के इस निस्वार्थ कदम ने मानवता की मिसाल पेश की है। उनकी यादें उनके द्वारा बचाए गए चार जीवनों के माध्यम से हमेशा जीवित रहेंगी।

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