जयपुर, 19 जुलाई, 2025: अहमदाबाद में 12 जून 2025 को हुए भीषण विमान हादसे, जिसमें 260 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई थी, को लेकर राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने केंद्र सरकार पर बड़ा हमला बोला है। उन्होंने इस पूरे मामले की सच्चाई सामने लाने के लिए सुप्रीम कोर्ट के रिटायर्ड जज की अध्यक्षता में एक न्यायिक जांच आयोग गठित करने की मांग की है। गहलोत ने आरोप लगाया है कि मृत पायलटों को बलि का बकरा बनाना सबसे आसान है, क्योंकि वे अब अपना पक्ष रखने के लिए जीवित नहीं हैं।
सभी पहलुओं की गहन जांच हो: गहलोत की मांग अशोक गहलोत ने इस विमान हादसे की निष्पक्ष जांच और हवाई यात्रा में आम जनता का विश्वास बहाल करने के लिए एक स्वतंत्र जांच आयोग के गठन पर जोर दिया है। उन्होंने सुझाव दिया कि इस आयोग में भारतीय वायुसेना के वरिष्ठ अधिकारी और एविएशन सेक्टर के विशेषज्ञ शामिल होने चाहिए, ताकि हादसे के सभी पहलुओं की गहन और निष्पक्ष जांच हो सके।
शुक्रवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर अपनी मांग को दोहराते हुए गहलोत ने लिखा, "अहमदाबाद प्लेन क्रैश की पूरी सच्चाई सामने लाने और हवाई यात्रा पर आमजन का भरोसा जमाने के लिए भारत सरकार को सुप्रीम कोर्ट के रिटायर्ड जज की अध्यक्षता में न्यायिक आयोग गठित करना चाहिए।"
AAIB की प्रारंभिक रिपोर्ट पर उठाए सवाल: गहलोत ने एयरक्राफ्ट एक्सिडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (AAIB) की प्रारंभिक रिपोर्ट पर गंभीर सवाल उठाए हैं। इस रिपोर्ट में हादसे का कारण फ्यूल स्विच को कुछ पलों के लिए 'कटऑफ' करना बताया गया है। गहलोत ने इस पर टिप्पणी करते हुए कहा कि मृत पायलटों पर आरोप लगाना आसान है, क्योंकि वे अब अपना बचाव नहीं कर सकते।
"पायलट फ्यूल स्विच क्यों बंद करेंगे?" पूर्व केंद्रीय सिविल एविएशन मंत्री रह चुके गहलोत ने कहा, "कई विशेषज्ञों का मानना है कि इतने अनुभवी और स्वस्थ पायलट जानबूझकर फ्यूल स्विच बंद क्यों करेंगे? मैं खुद सिविल एविएशन मंत्री रह चुका हूं और मेरे मन में भी इस रिपोर्ट को लेकर शंकाएं हैं।" उन्होंने जोर दिया कि हादसे को एक महीने से अधिक समय बीत जाने के बावजूद, मीडिया, सोशल मीडिया और वैश्विक एविएशन जगत में इसकी चर्चा जारी है और पूरी दुनिया में आशंकाएं बढ़ रही हैं। उन्होंने कहा कि सभी देशवासी यह जानना चाहते हैं कि आखिर 260 लोगों की जान किस कारण गई।
AAIB रिपोर्ट और अमेरिकी जांचकर्ताओं का दावा: AAIB की रिपोर्ट के अनुसार, हादसे का प्राथमिक कारण फ्यूल स्विच का कटऑफ होना था। रिपोर्ट में पायलटों के बीच हुई आखिरी बातचीत का भी जिक्र है, जिसमें को-पायलट क्लाइव कुंदर ने कैप्टन सुमीत सभरवाल से पूछा कि आपने फ्यूल स्विच को कटऑफ क्यों किया, जबकि कैप्टन ने इससे इनकार किया था।
अमेरिकी जांचकर्ताओं ने वॉल स्ट्रीट जर्नल की एक रिपोर्ट का हवाला देते हुए दावा किया है कि कैप्टन सभरवाल ने जानबूझकर फ्यूल स्विच बंद किया था। कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डिंग के हवाले से बताया गया है कि को-पायलट हैरान और घबराए हुए थे, जबकि कैप्टन शांत दिख रहे थे। रिपोर्ट के अनुसार, कैप्टन सभरवाल के पास 15,638 घंटे का और को-पायलट कुंदर के पास 3,403 घंटे का उड़ान अनुभव था।
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