कोटा | 17 अप्रैल, 2026 पश्चिम-मध्य रेलवे के प्रमुख मुख्य इंजीनियर (PCE) श्री आशुतोष ने गुरुवार को कोटा मंडल का सघन निरीक्षण किया। 'अमृत भारत स्टेशन योजना' के तहत हो रहे पुनर्विकास कार्यों की धीमी गति देख पीसीई ने गहरा असंतोष व्यक्त किया और संबंधित अधिकारियों व ठेकेदारों को सख्त हिदायत दी।
अपने दौरे के पहले दिन पीसीई आशुतोष ने सवाई माधोपुर, गंगापुर सिटी, श्री महावीर जी, हिंडौन, बयाना और भरतपुर स्टेशनों का जायजा लिया।
देरी पर जताई आपत्ति: सवाई माधोपुर में पहले चरण का कार्य लगभग पूरा हो चुका है, लेकिन दूसरे फेज का काम अब तक शुरू नहीं होने पर उन्होंने नाराजगी जताई।
अल्टीमेटम: उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि कार्य की गुणवत्ता और समय-सीमा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। लापरवाही बरतने वालों को इसका खामियाजा भुगतना होगा।
तकनीकी निरीक्षण: स्टेशनों के अलावा उन्होंने सवाई माधोपुर में रेल पटरी के एक पॉइंट का भी गहन निरीक्षण किया।
गौरतलब है कि पिछले दिनों कोटा स्टेशन के निरीक्षण के दौरान भी पीसीई ने काम की कछुआ चाल पर तीखी प्रतिक्रिया दी थी। उन्होंने वहां के ठेकेदार को 'ब्लैक लिस्ट' तक करने की चेतावनी दे डाली थी, जिससे स्पष्ट है कि मुख्यालय अब देरी को लेकर कड़ा रुख अपना रहा है।
दौरे के दूसरे दिन यानी शुक्रवार को पीसीई आशुतोष कोटा से नागदा के बीच रेलखंड का दौरा करेंगे। इस दौरान वे निम्नलिखित स्टेशनों पर चल रहे विकास कार्यों की समीक्षा करेंगे:
प्रमुख स्टेशन: रामगंजमंडी, भवानीमंडी, गरोठ, शामगढ़, विक्रमगढ़ आलोट और चौमहला।
निरीक्षण के पश्चात शुक्रवार रात को ही उनका दयोदय एक्सप्रेस से वापस जबलपुर लौटने का कार्यक्रम प्रस्तावित है। पीसीई के इस कड़े रुख के बाद उम्मीद जताई जा रही है कि मंडल में निर्माण कार्यों की गति में सुधार आएगा।
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