कोटा। आठवें वेतन आयोग के गठन में हो रही देरी और अपनी अन्य विभिन्न मांगों को लेकर गुरुवार को रेलवे कर्मचारी परिषद का गुस्सा फूट पड़ा। परिषद के सदस्यों ने कोटा स्थित डीआरएम कार्यालय और वर्कशॉप में जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान उन्होंने मंडल रेल प्रबंधक अनिल कालरा और मुख्य कारखाना प्रबंधक सुधीर सरवरिया को प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन भी सौंपे। परिषद ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते आठवें वेतन आयोग के गठन की घोषणा नहीं की गई, तो वे अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन पर विचार करेंगे।
ज्ञापन में परिषद ने प्रमुख रूप से आठवें वेतन आयोग का गठन जल्द करने की मांग की है, ताकि 1 जनवरी 2026 से प्रभावी होने वाले वेतन-भत्ते और अन्य लाभों के संशोधन में अत्यधिक देरी न हो। परिषद का कहना है कि वेतन आयोग के गठन में देरी से कर्मचारियों के बीच अनिश्चितता, असंतोष और कार्य के प्रति निराशा की भावना पैदा हो रही है।
इसके अलावा, ज्ञापन में कई अन्य महत्वपूर्ण मांगें भी शामिल थीं:
ट्रेन मैनेजरों को वेतन स्तर 7 और 8 प्रदान करना।
2006 से पहले के मुख्य लोको निरीक्षकों का वेतन उनके कनिष्ठों के बराबर करना।
गैर-याचिकाकर्ताओं को समान लाभ देना।
पुरानी पेंशन योजना (OPS) को फिर से लागू करना।
एलडीसी (लोअर डिविजनल क्लर्क) के पदों को 'ओपन टू ऑल' करना।
रनिंग भत्ता बढ़ाना।
सरकारी कर्मचारी राष्ट्रीय परिसंघ (जीईएनसी) और भारतीय मजदूर संघ तथा भारतीय रेलवे मजदूर संघर्ष के आह्वान पर किए गए इस विरोध प्रदर्शन में रेलवे कर्मचारी परिषद के मंडल सचिव प्रबोध बल्दुआ, अध्यक्ष दिनेश शर्मा, कोषाध्यक्ष डीडी सैनी, चंद्रभान मीणा, वर्कशॉप शाखा अध्यक्ष राजेश मीणा खेड़िया और सचिव रामवीर सिंह सहित बड़ी संख्या में पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
#रेलवेकर्मचारी #आठवांवेतनआयोग #कोटा #रेलवेविरोधप्रदर्शन #वेतनआयोग #पुरानीपेंशन #डीआरएमऑफिस #रेलवेन्यूज़ #कर्मचारीआंदोलन
No comments yet. Be the first to comment!
Please Login to comment.
© G News Portal. All Rights Reserved.