कोटा। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) की कोटा इकाई ने बूंदी जिले के गेंडोली थाने में तैनात एक असिस्टेंट सब इंस्पेक्टर (ASI) के खिलाफ रिश्वत मांगने का मामला दर्ज किया है। आरोपी ASI धोखाधड़ी के एक प्रकरण में आरोपियों के नाम हटाने की एवज में 20 हजार रुपये की रिश्वत मांग रहा था। सत्यापन के दौरान वह 2 हजार रुपये ले भी चुका था, लेकिन बाद में शक हो जाने पर उसने शेष 18 हजार रुपये नहीं लिए।
यह मामला सितंबर माह का है, जिसमें सत्यापन और रिश्वत मांग के साक्ष्यों के आधार पर ACB मुख्यालय जयपुर ने शुक्रवार को प्रकरण दर्ज किया है।
ACB कोटा के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विजय स्वर्णकार ने बताया कि परिवादी और उसके परिवार के खिलाफ गेंडोली थाने में रिश्तेदारों द्वारा पैसा उधार लेकर वापस नहीं लौटाने की शिकायत दी गई थी, जिस पर मुकदमा दर्ज हुआ। इस मामले में कुल सात आरोपी बनाए गए थे।
आरोप है कि ASI आशिक हुसैन ने केवल एक व्यक्ति को आरोपी बनाए रखने और शेष को जांच में राहत देने के बदले रिश्वत की मांग की थी। इस संबंध में मिली शिकायत पर एसीबी ने सत्यापन कराया, जिसमें आरोपी ASI ने 2 हजार रुपये स्वीकार किए।
एसीबी के अनुसार शेष 18 हजार रुपये देने के दौरान ट्रैप की कार्रवाई प्रस्तावित थी, लेकिन ASI को शक हो गया। इसके बाद उसने न केवल बाकी रकम लेने से इनकार कर दिया, बल्कि परिवादी से संपर्क भी बंद कर दिया। आरोपी ने न तो फोन उठाया और न ही कॉल या मैसेज का जवाब दिया।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विजय स्वर्णकार ने बताया कि 28 सितंबर को परिवादी ने उन्हें शाम 5:30 बजे फोन कर शिकायत की थी। इसके बाद 29 सितंबर को एसीबी की टीम मौके पर भेजी गई। टीम ने परिवादी की शिकायत दर्ज कर सत्यापन की प्रक्रिया पूरी की और उसे वॉयस रिकॉर्डर दिया गया। रिकॉर्डिंग में रिश्वत मांगने और 2 हजार रुपये लेने की पुष्टि हुई है।
इस मामले की जांच अब ACB बूंदी के डीएसपी ज्ञानचंद मीणा को सौंपी गई है।
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