करौली/मंडरायल।
करौली जिले के मण्डारायल उपखंड क्षेत्र के करणपुर इलाके से एक बेहद सनसनीखेज और रोंगटे खड़े कर देने वाला मामला सामने आया है। यहाँ चंबल नदी के घूंसई घाट पर रविवार दोपहर एक खूंखार मगरमच्छ ने पानी भर रहे एक चरवाहे पर जानलेवा हमला कर दिया। मगरमच्छ युवक को खींचकर गहरे पानी में ले जाने ही वाला था कि पास ही मौजूद उसके साथी ने अदम्य साहस का परिचय दिया। अपनी जान की परवाह किए बिना साथी मगरमच्छ से भिड़ गया और करीब 15 मिनट तक चले खूनी संघर्ष के बाद युवक को मौत के मुंह से सुरक्षित बाहर निकाल लिया।
जानकारी के अनुसार, घूंसई गांव निवासी पूरन मीना (पुत्र रामफूल मीना) रविवार दोपहर करीब एक बजे जंगल में बकरियां चराने गया था। कड़कती धूप के कारण वह अपनी बकरियों को पानी पिलाने के लिए चंबल नदी के घूंसई घाट पर ले गया। बकरियों को पानी पिलाने के बाद पूरन खुद पीने के लिए एक बोतल में नदी से पानी भरने लगा।
इसी दौरान नदी की गहराई में घात लगाए बैठे एक विशालकाय मगरमच्छ ने अचानक पानी से उछलकर पूरन पर हमला कर दिया। मगरमच्छ ने पलक झपकते ही पूरन के दाहिने हाथ को अपने मजबूत जबड़ों में दबोच लिया और उसे गहरे पानी की तरफ खींचने लगा।
पूरन को मगरमच्छ के जबड़ों में फंसे देख पास ही मौजूद उसके साथी प्यारेलाल मीना ने तुरंत मोर्चा संभाला। प्यारेलाल ने शोर मचाते हुए बिना एक पल गंवाए मगरमच्छ पर लाठी और पत्थरों से लगातार ताबड़तोड़ वार करना शुरू कर दिया।
बुरी तरह चबा डाला हाथ: प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, मगरमच्छ और दोनों साथियों के बीच करीब 15 मिनट तक नदी के किनारे खूनी संघर्ष चलता रहा। मगरमच्छ युवक को छोड़ने को तैयार नहीं था और उसने पूरन का दाहिना हाथ बुरी तरह चबा डाला।
आखिरकार माननी पड़ी हार: प्यारेलाल के लगातार हो रहे प्रहारों के आगे आखिरकार मगरमच्छ को घुटने टेकने पड़े। उसने पूरन के हाथ को अपने जबड़े से मुक्त किया और वापस गहरे पानी में ओझल हो गया। प्यारेलाल ने तुरंत लहूलुहान पूरन को नदी से बाहर निकाला।
मगरमच्छ के चबाने के कारण पूरन का दाहिना हाथ पूरी तरह क्षत-विक्षत हो चुका था और अत्यधिक खून बह रहा था। घायल को तुरंत करणपुर अस्पताल ले जाया गया, जहाँ चिकित्सा अधिकारी डॉ. रामराज मीणा ने प्राथमिक उपचार देकर उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए तुरंत जिला सामान्य चिकित्सालय, करौली के लिए रेफर कर दिया। फिलहाल डॉक्टरों की विशेष टीम घायल के इलाज में जुटी है।
करणपुर और चंबल तटीय इलाकों में मगरमच्छों का खौफ लगातार बढ़ता जा रहा है। पिछले कुछ महीनों में इस क्षेत्र और आस-पास कई दर्दनाक हादसे हो चुके हैं:
| तारीख | स्थान / नदी | घटना का विवरण | परिणाम |
| 9 जून 2026 | खातौली (कोटा), पार्वती नदी | नहाने गए 11 वर्षीय बालक पर हमला। | बालक बाल-बाल बचा, पैर में गहरा जख्म। |
| 20 मई 2026 | राजघाट (धौलपुर), चंबल नदी | मवेशियों को पानी पिलाने गई 14 वर्षीय बालिका भारती पर हमला। | मगरमच्छ पानी में खींच ले गया, बालिका की मौत। |
| 29 अप्रैल 2026 | घटोद (कोटा), चंबल नदी | नदी किनारे गए 45 वर्षीय व्यक्ति पर हमला। | मगरमच्छ जबड़े में दबाकर ले गया, 4 घंटे बाद शव बरामद। |
इस ताजा घटना के बाद चंबल नदी के तटीय गांवों में भारी दहशत का माहौल है। ग्रामीणों ने वन विभाग से मांग की है कि घाटों के आस-पास सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाएं और चेतावनी बोर्ड लगाए जाएं ताकि भविष्य में ऐसे जानलेवा हादसों को रोका जा सके।
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