भरतपुर : भरतपुर के आगरा-जयपुर राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 21 पर सारस चोराहे के निकट गुरुवार देर शाम हुई एक भीषण सड़क दुर्घटना में भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) की लुधावई टीम की संवेदनहीनता सामने आई है।
घटना के अनुसार, एक ट्रेक्टर और एक टाटा 407 वाहन आमने-सामने टकरा गए थे। इस हादसे में कई लोग घायल हो गए थे। मौके पर पहुंची भरतपुर क्यूआरटी पुलिस टीम ने तुरंत NHAI लुधावई को सूचित किया और मदद की गुहार लगाई।
लेकिन NHAI की ओर से मिलने वाली प्रतिक्रिया बेहद निराशाजनक थी। NHAI के अधिकारियों ने यह कहकर अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ लिया कि दुर्घटनाग्रस्त क्षेत्र उनके अधिकार क्षेत्र में नहीं आता है, बल्कि कोरई क्षेत्र में आता है। उन्होंने क्यूआरटी टीम को कोरई NHAI से संपर्क करने के लिए कहा, जबकि उनके पास कोरई NHAI का कोई संपर्क नंबर नहीं था।
यह बेहद चौंकाने वाला है कि एक सरकारी एजेंसी के पास अपने ही क्षेत्र के अन्य कार्यालयों के संपर्क नंबर क्यों नहीं होंगे? इस तरह की लापरवाही से घायलों को अत्यधिक परेशानी का सामना करना पड़ा।
बाद में क्यूआरटी टीम को खुद ही घायलों को आरबीएम अस्पताल पहुंचाना पड़ा। इस घटना से NHAI की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।
लोगों में रोष: इस घटना के बाद स्थानीय लोगों में NHAI के खिलाफ रोष व्याप्त है। लोगों का कहना है कि राष्ट्रीय राजमार्ग पर होने वाली दुर्घटनाओं में NHAI की जिम्मेदारी बनती है कि वह तुरंत मदद के लिए पहुंचे। लेकिन NHAI की इस तरह की लापरवाही से लोगों का विश्वास टूट रहा है।
मामले की जांच की मांग: स्थानीय लोगों ने इस मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग की है। साथ ही, उन्होंने NHAI के संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
यह घटना एक बार फिर इस बात की ओर इशारा करती है कि सरकारी एजेंसियों को जनता की सेवा के लिए अधिक जिम्मेदार होना चाहिए।
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