जयपुर : राजस्थान में भाजपा सरकार ने एक बड़ा फैसला लेते हुए पूर्ववर्ती गहलोत सरकार द्वारा बनाए गए 6 जिलों को समाप्त करने के बाद अब इन जिलों के पूर्व कलेक्टरों को भी एपीओ कर दिया है। कार्मिक विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार, शाहपुरा के पूर्व कलेक्टर राजेंद्र सिंह शेखावत, सांचौर के पूर्व कलेक्टर शक्ति सिंह राठौड़, नीमकाथाना के पूर्व कलेक्टर शरद मेहरा, गंगापुर सिटी के पूर्व कलेक्टर गौरव सैनी, केकड़ी की पूर्व कलेक्टर श्वेता चौहान और अनूपगढ़ के पूर्व कलेक्टर अवधेश मीणा को एपीओ किया गया है।
क्या है एपीओ?
एपीओ का मतलब है अपॉइंटमेंट अगेंस्ट पोस्ट। यानी इन अधिकारियों को फिलहाल किसी पद पर नियुक्त नहीं किया गया है। हालांकि, जल्द ही इन अधिकारियों को नए पदों पर तैनात किया जाएगा।
क्यों लिया गया यह फैसला?
भाजपा सरकार ने चुनाव के दौरान यह वादा किया था कि वह पूर्ववर्ती सरकार द्वारा बनाए गए कई जिलों को समाप्त करेगी। इसी वादे को पूरा करते हुए सरकार ने पिछले महीने इन जिलों को समाप्त कर दिया था। अब इन जिलों के कलेक्टरों को एपीओ करने का फैसला भी इसी कड़ी में लिया गया है।
किस पर होगा असर?
इस फैसले से इन 6 जिलों के प्रशासनिक ढांचे पर असर पड़ेगा। इन जिलों के कामकाज अब उन जिलों से संचालित किए जाएंगे जिनसे इन्हें जोड़ा गया है।
लोगों की प्रतिक्रिया
इस फैसले पर लोगों की मिली-जुली प्रतिक्रिया है। कुछ लोग इस फैसले का समर्थन कर रहे हैं तो कुछ लोग इसका विरोध कर रहे हैं।
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