कोटा। रेलवे स्टेशन पर अवैध वेंडिंग को लेकर 22 मई को रंगपुर पुलिया पर हुई फायरिंग के मामले में एक बड़ा खुलासा हुआ है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, घटना वाले दिन मुख्य आरोपी उमर की पिस्टल ने धोखा दे दिया और उससे गोली नहीं चली, जिससे एक बड़ी घटना टल गई। अगर उस दिन उमर की पिस्टल नहीं अटकती तो एक बड़ा खून-खराबा हो सकता था और कई लोगों की जानें भी जा सकती थीं।
उल्लेखनीय है कि घटना वाले दिन का एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें उमर पिस्टल चलाता नजर आ रहा है। लेकिन, वास्तविकता यह है कि उमर की काफी कोशिश के बावजूद पिस्टल से गोली नहीं चली। इसी का फायदा उठाकर मौका मिलते ही कलीम गौरी और उसके साथियों ने गोली मारकर उमर को घायल कर दिया। पुलिस निगरानी में उमर फिलहाल अपने घर पर इलाज करवा रहा है। ठीक होते ही पुलिस उमर को भी गिरफ्तार कर सकती है, क्योंकि उसके खिलाफ भी फायरिंग का मामला दर्ज है।
मामले में भीमगंज मंडी पुलिस ने फरार चल रहे दो और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें तुल्लापुरा रेलवे कॉलोनी निवासी राशिद हुसैन उर्फ कालू (23) और रंगपुर रोड, प्रताप कॉलोनी, मिल वाले बाबा के पास निवासी वाजिद खान उर्फ बिट्टू (27) शामिल हैं।
इससे पहले, पुलिस रेलवे कॉलोनी थाने के हिस्ट्रीशीटर मोहम्मद कलीम गौरी, कलीम के दो बेटे आसिफ और कामरान उर्फ कम्मु, मोहम्मद तौफिक उर्फ मिक्कू, गुड्डू उर्फ फ्रेक्चर, फैज़ बेग उर्फ रेसु और मनोज शर्मा उर्फ मन्नू को पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है। इस तरह, इस मामले में गिरफ्तार होने वाले आरोपियों की कुल संख्या अब नौ हो गई है। पुलिस मामले की गहनता से जांच कर रही है।
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