कोटा रेल मंडल की बड़ी छलांग: 'कवच' की सुरक्षा और 'GCT' से विकास को मिली नई रफ़्तार

कोटा रेल मंडल की बड़ी छलांग: 'कवच' की सुरक्षा और 'GCT' से विकास को मिली नई रफ़्तार

कोटा | 30 दिसंबर, 2025 वर्ष 2025 कोटा रेल मंडल के लिए 'स्वर्णिम वर्ष' साबित हो रहा है। सुरक्षा, गति और राजस्व के मोर्चे पर देश में अव्वल रहने के बाद अब मंडल ने मांडलगढ़ में दूसरा गति शक्ति कार्गो टर्मिनल (GCT) शुरू कर भीलवाड़ा क्षेत्र के व्यापार जगत को एक बड़ी सौगात दी है।

1. मांडलगढ़ बना नया 'लॉजिस्टिक हब'

कंटेनर कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (CONCOR) द्वारा 1.85 लाख वर्ग मीटर से अधिक क्षेत्रफल में विकसित यह टर्मिनल क्षेत्र के औद्योगिक विकास में नई जान फूँकेगा।

  • सीधा मुंद्रा पोर्ट तक पहुंच: अब भीलवाड़ा के प्रसिद्ध यार्न (धागा) और स्टोन उद्योग का माल ट्रकों के बजाय सीधे रेल कंटेनरों के माध्यम से मुंद्रा पोर्ट तक जाएगा। इससे पहले माल को सड़क मार्ग से जयपुर ले जाना पड़ता था, जो महंगा और समय लेने वाला था।

  • राजस्व में भारी वृद्धि: इस टर्मिनल से प्रति माह 10 माल रेक संचालित होने की उम्मीद है, जिससे रेलवे को हर महीने ₹2 करोड़ का राजस्व प्राप्त होगा।

  • कस्टम्स की सुविधा: टर्मिनल पर कस्टम्स क्लीयरेंस की सुविधा मिलने से आयात-निर्यात से जुड़ी बाधाएं स्थानीय स्तर पर ही दूर हो सकेंगी।

2. सुरक्षा में 'कवच' का कवच

कोटा मंडल ने मथुरा-नागदा (549 किमी) खंड को देश का पहला पूर्ण कवच 4.0 सक्षम कॉरिडोर बना दिया है। मार्च 2025 में 160 किमी/घंटा की सफल टेस्टिंग के बाद अक्टूबर तक पूरे खंड को सुरक्षित कर दिया गया।

3. रफ्तार और समय पालन के कीर्तिमान

  • वंदे भारत का कमाल: नागदा-सवाई माधोपुर के बीच वंदे भारत स्लीपर ने 180 किमी/घंटा की रफ्तार भरकर अपनी ताकत दिखाई।

  • समय पालन में नंबर 1: जून 2025 में 100% समय पालन के साथ कोटा मंडल भारतीय रेलवे के सभी 69 मंडलों में प्रथम स्थान पर रहा।

4. बुनियादी ढांचा और यात्री सुविधाएं

  • नया स्टेशन और नई लाइन: अमृत भारत योजना के तहत बूंदी और मांडलगढ़ स्टेशनों का कायाकल्प हुआ। वहीं, रामगंजमंडी-भोपाल परियोजना के तहत अब खिलचीपुर तक ट्रेनें दौड़ने को तैयार हैं।

  • राजस्व रिकॉर्ड: अप्रैल से नवंबर तक मंडल ने यात्री और माल ढुलाई से कुल ₹1055.47 करोड़ की रिकॉर्ड आय अर्जित की।


⚠️ स्थानीय अपडेट: प्लेटफॉर्म-4 पार्किंग अब निशुल्क

इन बड़ी उपलब्धियों के बीच, कोटा स्टेशन के प्लेटफॉर्म संख्या 4 का वाहन पार्किंग ठेका रेलवे ने रद्द कर दिया है। यात्री फिलहाल यहाँ अपने जोखिम पर निशुल्क (Free) वाहन खड़े कर सकते हैं। यह व्यवस्था अगले आदेश तक प्रभावी रहेगी।


निष्कर्ष

मांडलगढ़ में दूसरे GCT की शुरुआत (पहला सुंदलक में) और कवच का सफल कार्यान्वयन यह दर्शाता है कि कोटा मंडल आधुनिक रेलवे की दिशा में मील का पत्थर साबित हो रहा है। इससे न केवल रोजगार बढ़ेंगे, बल्कि व्यापारिक लागत भी कम होगी।

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