करौली।
राजस्थान के करौली जिले में पिछले कुछ दिनों से पांचना बांध के जल बंटवारे और सोशल मीडिया पर उपजे जातिगत व सामाजिक तनाव को लेकर चल रहा भारी गतिरोध आखिरकार पूरी तरह समाप्त हो गया है। पांचना बांध संघर्ष समिति ने सरकार और जिला प्रशासन के सकारात्मक रुख, मुस्तैदी और त्वरित कानूनी कार्रवाई के बाद गुड़ला में चल रहे अपने बेमियादी धरने और चक्काजाम को पूरी तरह से समाप्त करने की आधिकारिक घोषणा कर दी है।
संघर्ष समिति के अध्यक्ष अशोक सिंह धाभाई ने इस बड़े निर्णय की जानकारी देते हुए आंदोलन में एकजुटता दिखाने वाले तमाम क्षेत्रवासियों और समाज के लोगों का आभार व्यक्त किया है। धरना समाप्त होने के साथ ही फिलहाल पूरे करौली जिले और कमाण्ड एरिया में स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और सभी प्रमुख रास्तों पर आवागमन सुचारू कर दिया गया है।
संघर्ष समिति के अध्यक्ष अशोक सिंह धाभाई ने बताया कि क्षेत्र की शांति, कानून व्यवस्था और स्वाभिमान को लेकर समिति ने सरकार और स्थानीय प्रशासन के सामने प्रमुख रूप से निम्नलिखित मांगें बेहद मजबूती से रखी थीं और इन्हें पूरा करने के लिए 24 घंटे का कड़ा अल्टीमेटम दिया था:
असामाजिक तत्वों की गिरफ्तारी: सबसे मुख्य मांग उन असामाजिक तत्वों के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई करने की थी, जिन्होंने पिछले दिनों सोशल मीडिया, फेसबुक या ऑडियो कॉल्स के माध्यम से क्षेत्र की बहन-बेटियों, मातृशक्ति और पूर्वजों के खिलाफ बेहद अभद्र, अपमानजनक व अमर्यादित टिप्पणियां की थीं। समिति ने मांग की थी कि ऐसे समाज कंटकों पर तुरंत गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर उन्हें सलाखों के पीछे भेजा जाए।
अवैध चक्काजाम हटाना: आंदोलनकारियों का कड़ा विरोध इस बात पर भी था कि खंडीप, कुसाय के साथ-साथ अन्य विभिन्न महत्वपूर्ण और संवेदनशील स्थानों पर एक समाज विशेष द्वारा जो रास्ते रोके गए थे और अवैध रूप से चक्काजाम किया गया था, उन्हें प्रशासन तुरंत प्रभाव से बलपूर्वक या समझाइश से खुलवाए।
संघर्ष समिति द्वारा दिए गए 24 घंटे के कड़े अल्टीमेटम का असर धरातल पर देखने को मिला। जिला प्रशासन और पुलिस महकमे ने स्थिति की संवेदनशीलता को भांपते हुए तुरंत मुस्तैदी दिखाई:
रूट्स हुए क्लियर: तय समय सीमा के भीतर ही पुलिस ने विभिन्न संवेदनशील रास्तों पर लगे सभी जामों को पूरी तरह से हटवा दिया और कमाण्ड एरिया सहित नेशनल व स्टेट हाईवे पर यातायात व्यवस्था को सुचारू करवाया।
आईटी एक्ट में कार्रवाई: जिन लोगों ने इंटरनेट का दुरुपयोग कर समाज में वैमनस्यता फैलाने और अमर्यादित टिप्पणियां करने का कुप्रयास किया था, उनके खिलाफ पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए नामजद मुकदमे दर्ज कर लिए हैं। प्रशासन ने संघर्ष समिति को पूरी तरह आश्वस्त किया है कि चिन्हित किए गए आरोपियों को शीघ्र ही गिरफ्तार कर सख्त दंडात्मक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
उल्लेखनीय है कि इस आंदोलन और संभावित वर्ग संघर्ष के तनाव को देखते हुए प्रशासन ने एहतियात के तौर पर करौली जिले के कई उपखंडों और संवेदनशील हिस्सों में इंटरनेट सेवाओं (Internet Services) को अस्थायी रूप से बंद कर दिया था। सोशल मीडिया पर किसी भी प्रकार की भ्रामक खबरों और अफवाहों को फैलने से रोकने के लिए प्रशासन का यह कदम कानून व्यवस्था बनाए रखने में बेहद कारगर साबित हुआ। अब चूंकि धरना और चक्काजाम पूरी तरह समाप्त हो चुका है और स्थिति पूरी तरह सामान्य है, ऐसे में माना जा रहा है कि प्रशासन आज रात या कल सुबह तक इंटरनेट सेवाओं को भी पूरी तरह से बहाल कर देगा, जिससे आम जनता और व्यापारियों को बड़ी राहत मिलेगी।
आंदोलन समाप्ति की घोषणा के साथ ही संघर्ष समिति के अध्यक्ष अशोक सिंह धाभाई ने सभी आंदोलनकारियों, युवाओं और क्षेत्रवासियों से पुरजोर अपील की है:
"क्षेत्र के सभी युवा और सम्मानित नागरिक जहां कहीं भी सड़कों पर डटे हैं, वहां से तुरंत हट जाएं और लगाए गए सभी जामों को स्वतः ही खोल दें। हमारे लिए आम जनता, राहगीरों, मरीजों और स्कूली बच्चों की सहूलियत सर्वोपरि है। यातायात और आवागमन को पूरी तरह सुचारू रहने दें ताकि किसी को भी परेशानी का सामना न करना पड़े। क्षेत्र में शांति, भाईचारा और सामाजिक सौहार्द बनाए रखना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।"
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