'जांबाज' गार्ड्स ने टाले चार बड़े रेल हादसे; कहीं पटरी पर रखा था सरिया, तो कहीं मालगाड़ी में घुस गई ट्रैक्टर-ट्रॉली

'जांबाज' गार्ड्स ने टाले चार बड़े रेल हादसे; कहीं पटरी पर रखा था सरिया, तो कहीं मालगाड़ी में घुस गई ट्रैक्टर-ट्रॉली

कोटा | रेलवे में गार्ड को ट्रेन की 'आंख और कान' कहा जाता है, और कोटा मंडल के चार गार्ड्स ने अपनी सतर्कता से इसे सच कर दिखाया है। ड्यूटी के दौरान अपनी जिम्मेदारी बखूबी निभाते हुए इन रेल कर्मियों ने संभावित बड़ी दुर्घटनाओं को टालने में सफलता प्राप्त की है।

1. केशवरायपाटन: खड़ी मालगाड़ी में जा घुसी ट्रैक्टर-ट्रॉली

पाटन स्टेशन पर कोयले से भरी एक मालगाड़ी खड़ी थी, तभी रेलवे ठेकेदार का एक ट्रैक्टर-ट्रॉली अनियंत्रित होकर मालगाड़ी के डिब्बे में जा घुसा। डर के मारे चालक ट्रॉली को फंसा छोड़कर ट्रैक्टर लेकर भाग निकला। ट्रेन रवाना करने से पहले जब गार्ड मुनिराज ने जांच की, तो उन्हें ट्रॉली फंसी नजर आई।

  • नतीजा: यदि ट्रेन चल देती तो बड़ा डिरेलमेंट (पटरी से उतरना) हो सकता था। दूसरे ट्रैक्टर की मदद से ट्रॉली को अलग किया गया और एक बड़ा हादसा टल गया।

2. ऊपरमाल: यात्री की बचाई जान, खुद के डिब्बे में किया उपचार

हल्दीघाटी पैसेंजर (19817) में चढ़ने के प्रयास में एक यात्री ऊपरमाल स्टेशन पर गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गया। गार्ड अमित कुमार ने तुरंत ब्रेक लगाकर ट्रेन रोकी और घायल यात्री को अपने डिब्बे में चढ़ाकर प्राथमिक उपचार दिया। बाद में बूंदी स्टेशन पर यात्री को सुरक्षित उसके परिजनों को सौंप दिया गया।

3. मोडक: पटरी पर रखा भारी सरिया आया नजर

10 अप्रैल को मोडक स्टेशन पर किसी शरारती तत्व ने खड़ी मालगाड़ी के पहिए के ठीक पास पटरी पर एक भारी सरिया रख दिया था। ट्रेन चलने ही वाली थी कि गार्ड लक्ष्मण शर्मा की नजर उस पर पड़ गई। उन्होंने तुरंत सरिया हटाकर लोको पायलट और स्टेशन मास्टर को सूचित किया। पटरी पर रखा यह अवरोध ट्रेन को पलटा सकता था।

4. दाढ़ देवी: गायब स्प्रिंग और झुका हुआ डिब्बा

दाढ़ देवी स्टेशन पर गार्ड मोहक सिंह ने अपनी जांच के दौरान एक मालगाड़ी के डिब्बे में गंभीर तकनीकी खामी पकड़ी। डिब्बे की एक स्प्रिंग गायब थी और दूसरी टेढ़ी हो चुकी थी, जिससे डिब्बा एक तरफ झुका हुआ था।

  • कार्रवाई: मोहक की सूचना पर कोटा से तकनीकी टीम पहुंची और डिब्बे को ठीक किया गया। खराब स्प्रिंग के साथ ट्रेन का चलना किसी बड़े हादसे को न्योता देना था।

रेलवे प्रशासन ने की सराहना

इन चारों घटनाओं ने स्पष्ट कर दिया है कि आधुनिक तकनीक के बावजूद मानवीय सतर्कता का कोई विकल्प नहीं है। कोटा मंडल के वरिष्ठ अधिकारियों ने इन गार्ड्स के कार्य की सराहना की है। इनकी सूझबूझ से न केवल करोड़ों की रेल संपत्ति बची, बल्कि यात्रियों की सुरक्षा भी सुनिश्चित हुई।


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