सदन में गूंजा एडवोकेट प्रोटेक्शन बिल का मामला: सरकार ने कहा – बिल राष्ट्रपति के पास, जल्द अनुमति का करेंगे आग्रह

सदन में गूंजा एडवोकेट प्रोटेक्शन बिल का मामला: सरकार ने कहा – बिल राष्ट्रपति के पास, जल्द अनुमति का करेंगे आग्रह

राजस्थान विधान सभा के बजट सत्र में कई मुद्दों पर सवालों के दौर में एडवोकेट प्रोटेक्शन बिल का मुद्दा प्रमुख रहा। प्रश्नकाल में विपक्ष और सत्ता पक्ष के सदस्यों ने सरकार को कई महत्वपूर्ण विषयों पर चुनौती दी, जिसमें एडवोकेट प्रोटेक्शन बिल, ड्रग्स तस्करी, आसींद स्टेट मेगा हाईवे का निर्माण, मंदिर ट्रस्ट के चुनाव, औद्योगिक प्रदूषण सहित अनेक विषय शामिल थे।

एडवोकेट प्रोटेक्शन बिल का मामला

विधायक अमीन कागजी ने सदन में एडवोकेट प्रोटेक्शन बिल से संबंधित सवाल उठाया। विधि मंत्री जोगाराम पटेल ने बताया कि यह बिल अभी राष्ट्रपति के पास मंजूरी के लिए भेजा गया है और जल्द ही अनुमति प्राप्त करने का आग्रह किया जाएगा। जब तक यह बिल अधिनियम का रूप नहीं लेता, तब तक इसमें किसी भी प्रकार के संशोधन की बात नहीं हो सकती। नेता प्रतिपक्ष ने सवाल उठाते हुए सरकार से बिल लागू करने की समयसीमा पूछी।

अन्य महत्वपूर्ण मुद्दे

  • ड्रग्स तस्करी:
    विधायक रामनिवास गावड़िया ने हनुमानगढ़ में दर्ज मादक पदार्थों से संबंधित प्रकरणों पर सवाल उठाया। मंत्री जवाहर सिंह बेढम ने बताया कि पिछले तीन वर्षों में 404 मामलों में 894 मुलजिम गिरफ्तार और 354 चालान पेश किए गए हैं। सरकार ने अवैध मादक पदार्थों को रोकने के लिए विशेष अभियानों और समाज में अवेयरनेस कैंप की भी जानकारी दी।

  • आसींद स्टेट मेगा हाईवे:
    विधायक जब्बर सिंह सांखला ने रघुनाथपुरा से शंभूगढ़ वाया मेगा हाईवे के निर्माण पर सवाल किया। उपमुख्यमंत्री दीया कुमारी ने बताया कि इस हाईवे के परीक्षण के बाद काम शुरू करवा दिया जाएगा।

  • जनता क्लीनिक:
    विधायक कांति प्रसाद ने ओपीडी पर्चियों से जुड़ा सवाल उठाया। मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर ने बताया कि 2019-20 में शुरू किए गए जनता क्लीनिकों को 2021 में शहरी स्वास्थ्य कल्याण केंद्र का दर्जा दिया गया है, जिससे यहां बेहतर सुविधाएँ उपलब्ध हो सकेंगी।

  • खाद्य विभाग एवं एसडीएम अध्यक्षता:
    विधायक यूनुस खान ने खाद्य विभाग की गठित समितियों में एसडीएम की भूमिका पर सवाल उठाया। मंत्री सुमित गोदारा ने कहा कि तहसील स्तर पर गठित कमेटी में उपखंड अधिकारी की अध्यक्षता तय की गई है।

  • श्री तिलस्वा महादेव मंदिर ट्रस्ट:
    विधायक गोपाल लाल शर्मा ने बताया कि पिछले 20 वर्षों से कुछ व्यक्तियों का ट्रस्ट पर कब्जा है और लाखों रुपए हर महीने ट्रस्ट में आ रहे हैं। देवस्थान मंत्री जोराराम कुमावत ने कहा कि प्रतिवर्ष ऑडिट रिपोर्ट न मिलने पर ही कार्रवाई के प्रावधान लागू किए जाएंगे।

  • घड़ियाल संरक्षण केंद्र:
    खंडार विधायक जितेंद्र गोठवाल ने पाली घाट में घड़ियाल संरक्षण केंद्र की स्थापना से जुड़ा सवाल उठाया। वन मंत्री संजय शर्मा ने घोषणा की कि सवाई माधोपुर में पाली घाट के निकट ऐसा केंद्र स्थापित किया जाएगा, जहाँ घड़ियाल के अंडों को उठाकर इनक्यूबेशन में रखा जाएगा।

  • औद्योगिक प्रदूषण:
    विधायक डॉ. जसवंत यादव ने बहरोड़ विधानसभा क्षेत्र में चल रहे औद्योगिक इकाइयों के प्रदूषण से संबंधित सवाल उठाया। वन मंत्री संजय शर्मा ने बताया कि मुख्य पर्यावरण अभियंता राजस्थान प्रदूषण नियंत्रण मंडल की अध्यक्षता में एक समिति गठित की जाएगी, जो कोटपूतली-बहरोड़ के उद्योगों की रिपोर्ट तैयार कर नियमानुसार कार्रवाई करेगी। कांग्रेस ने एग्रोपेट प्राइवेट लिमिटेड फैक्ट्री का भी उल्लेख किया, जिसके निरीक्षण में कमियां पाई गई थीं।

निष्कर्ष

विधान सभा में उठाए गए इन मुद्दों से स्पष्ट होता है कि राज्य में नीतिगत सुधार, पारदर्शिता और प्रशासनिक जवाबदेही को लेकर व्यापक सवाल उठ रहे हैं। सरकार से अपेक्षा की जा रही है कि वह इन मुद्दों पर त्वरित और प्रभावी कार्रवाई करेगी, जिससे राज्य के नागरिकों के हित सुरक्षित रह सकें।

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