मंडल की बैठक में उठा मांडलगढ़ स्टेशन के टपकने का मामला: प्रधानमंत्री के लोकार्पण से पहले खुली निर्माण कार्य की पोल

मंडल की बैठक में उठा मांडलगढ़ स्टेशन के टपकने का मामला: प्रधानमंत्री के लोकार्पण से पहले खुली निर्माण कार्य की पोल

कोटा : पश्चिम-मध्य रेलवे सलाहकार समिति (जेडआरयूसीसी) की शुक्रवार को जबलपुर मुख्यालय में आयोजित बैठक में कोटा, भोपाल और जबलपुर मंडल से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दे उठाए गए। महाप्रबंधक (जीएम) शोभना बंधोपाध्याय की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में सबसे प्रमुख मुद्दा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लोकार्पण से सिर्फ चार दिन पहले ही बूंदी-चित्तौड़गढ़ रेलखंड स्थित मांडलगढ़ स्टेशन के पहली बारिश में टपकने का रहा।

मांडलगढ़ स्टेशन की शर्मनाक स्थिति: बैठक में सदस्य आशीष मेहता ने जीएम शोभना बंधोपाध्याय को अवगत कराया कि अमृत भारत योजना के तहत पुनर्निर्मित मांडलगढ़ स्टेशन पहली बारिश में ही इस कदर टपकने लगा कि यात्रियों को पूरे टीन शेड के नीचे कहीं भी खड़े होने की जगह नहीं मिली। मेहता ने इसे रेलवे के लिए "बड़े शर्म की बात" बताते हुए कहा कि प्रधानमंत्री के लोकार्पण से ठीक चार दिन पहले हुई इस घटना ने अमृत भारत योजना के तहत हुए निर्माण कार्य की पोल खोल कर रख दी है। उन्होंने इस मामले की गहन जांच और जिम्मेदार रेल अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की, जिस पर जीएम शोभना ने उचित कार्रवाई का भरोसा दिया।

यह मुद्दा हमारे  द्वारा सबसे पहले उठाया गया था, जिसने 19 मई को हुई बारिश का एक वीडियो भी साझा किया था, जिसमें पानी धार के रूप में स्टेशन के पूरे टीन शेड से टपकता नजर आ रहा था।

अन्य प्रमुख मुद्दे: बैठक में मेहता ने कई अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों को भी उठाया:

  • कोटा स्टेशन पर अव्यवस्था: आए दिन लिफ्ट और एस्केलेटर बंद रहने, अप्रैल में एक एस्केलेटर का पैनल चोरी होने, पार्किंग व्यवस्था में सुधार, शिकायतों पर तुरंत कार्रवाई, वाहन चालकों को कंप्यूटराइज्ड पर्ची देने, ठेका कर्मियों का पुलिस वेरिफिकेशन करने और स्टेशन पर प्रीपेड बूथ लगाने की मांग की गई।
  • अन्नपूर्णा रसोई: राज्य सरकार से समझौता कर स्टेशन पर भी अन्नपूर्णा रसोई के माध्यम से यात्रियों को ₹8 में सस्ता खाना उपलब्ध कराने की मांग भी रखी गई।
  • अवैध वेंडर: स्टेशन पर अवैध वेंडरों के कारण आए दिन होने वाले झगड़ों से शांति व्यवस्था भंग होने और यात्रियों को परेशानी होने का मुद्दा भी उठाया गया।
  • ट्रेनों में लूट: बारां-छाबड़ा रेल खंड पर बदमाशों द्वारा आए दिन यात्रियों से लूट का मुद्दा भी चर्चा में आया।

ट्रेनों के संचालन संबंधी निर्णय: मेहता द्वारा उठाए गए एक मुद्दे पर जीएम शोभना ने घोषणा की कि कोटा-चोमेला ट्रेन को उज्जैन तक बढ़ाया जाएगा, जिसकी पश्चिम रेलवे द्वारा स्वीकृति जारी कर दी गई है। इससे कोटा-नागदा ट्रेन को रतलाम तक बढ़ाने की आवश्यकता नहीं रहेगी।

शोभना ने यह भी बताया कि कोटा-पुणे ट्रेन को अखिल भारतीय समय सारणी समिति की बैठक में शामिल करने के लिए भेजा गया है और समिति में चर्चा के बाद रेलवे बोर्ड की अनुमति से इसका संचालन किया जाएगा। हालांकि, शाम के समय कोटा-नागदा और कोटा-जबलपुर इंटरसिटी का फिलहाल कोई विचार नहीं है। पत्रकारों और बुजुर्गों को किराए में रियायत का निर्णय रेलवे बोर्ड द्वारा लिया जाएगा, जबकि दशहरे मेले पर आसपास क्षेत्र के लिए स्पेशल ट्रेन चलाने पर विचार किया जा सकता है।

यात्रियों से लूट पर रोक लगाने की मांग: बैठक में मौजूद सदस्य धीरज गुप्ता ने स्टेशन पर यात्रियों को मनमानी कीमत पर पानी और खाद्य सामग्री बेचे जाने का मुद्दा उठाया और इस लूट पर तुरंत रोक लगाने की मांग की। उन्होंने कई ट्रेनों के ठहराव के मुद्दे भी उठाए। छाबड़ा प्लांट के किशोर कुमार गर्ग ने भी अपनी मांगे रखीं।

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