जयपुर: राजस्थान उच्च न्यायालय ने प्रदेश में महिला टॉयलेट की कमी और अव्यवस्थाओं से जुड़े एक महत्वपूर्ण मामले में राज्य सरकार को कड़े निर्देश दिए हैं। मुख्य न्यायाधीश एमएम श्रीवास्तव की खंडपीठ ने आदेश दिया है कि राज्य सरकार प्रदेश में महिलाओं के लिए समुचित टॉयलेट की व्यवस्था सुनिश्चित करे।
आदेश में क्या कहा गया?
न्यायमित्रों की भूमिका
इस मामले में न्यायमित्र के रूप में सारा शर्मा, राधिका मेहरवाल और सुप्रिया सक्सेना शामिल हुईं। केंद्र सरकार की ओर से एएसजी आरडी रस्तोगी और मंजीत कौर ने पक्ष रखा, जबकि राज्य सरकार की ओर से एएजी माही यादव ने पक्ष रखा।
महत्वपूर्ण पहलू
यह आदेश महिलाओं के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है और यह सुनिश्चित करेगा कि उन्हें सार्वजनिक स्थानों पर बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध हों।
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