कोटा/नई दिल्ली, 9 अप्रैल: केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई), दिल्ली ने भ्रष्टाचार के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई करते हुए उत्तर रेलवे के एक वरिष्ठ अधिकारी और दो सुपरवाइजरों को 7 लाख रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। इस मामले में चार निजी ठेका कंपनी के कर्मचारी भी शामिल हैं। सीबीआई ने आरोपियों के विभिन्न ठिकानों पर छापेमारी कर भारी मात्रा में नकदी और सोना-चांदी बरामद किया है।
सीबीआई के अनुसार, गिरफ्तार किए गए आरोपियों में उत्तर रेलवे के वरिष्ठ मंडल विद्युत अभियंता (सीनियर डीईई सामान्य) साकेत चंद्र श्रीवास्तव, वरिष्ठ खंड अभियंता तपेंद्र सिंह गुर्जर (एसएसई विद्युत सामान्य), वरिष्ठ खंड अभियंता (टेंडर सेक्शन प्रभारी) अरुण जिंदल और चार निजी ठेका कंपनी के कर्मचारी शामिल हैं। इन सभी को नई दिल्ली स्थित डीआरएम ऑफिस में रिश्वत लेते हुए पकड़ा गया।
छापेमारी के दौरान सीबीआई ने आरोपियों के 9 ठिकानों पर तलाशी ली, जिसमें 63 लाख 85 हजार रुपए की नगदी, 3 करोड़ 46 लाख रुपए मूल्य का सोना और हीरे, महंगे मोबाइल फोन, लैपटॉप और कई महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद हुए हैं। इसके अतिरिक्त, बेनामी संपत्तियों से जुड़े कागजात भी जब्त किए गए हैं। चौंकाने वाली बात यह है कि सीबीआई ने साकेत चंद्र श्रीवास्तव की पत्नी के लॉकर से अकेले ही 2 करोड़ 5 लाख रुपए के सोने के गहने और सोने की ईंटें बरामद की हैं।
सीबीआई ने इस मामले में कुल आठ नामजद और कुछ अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। प्रारंभिक जांच में पता चला है कि ये अधिकारी इमली भगत कर, दिल्ली और गाजियाबाद स्थित निजी कंपनियों को ठेके देकर उनके बिलों को क्लियर करने के एवज में रिश्वत की मांग करते थे और उसे वसूलते थे।
सीबीआई ने संकेत दिए हैं कि इस मामले में अभी और भी गिरफ्तारियां हो सकती हैं और एक बड़े भ्रष्टाचार के नेटवर्क का खुलासा होने की संभावना है। इस बड़ी कार्रवाई से रेलवे विभाग में हड़कंप मच गया है और भ्रष्टाचार के खिलाफ सीबीआई की सख्ती का संदेश गया है।
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