मुंबई/कोटा | केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने मंगलवार को एक हाई-प्रोफाइल कार्रवाई में सेंट्रल रेलवे के चीफ इलेक्ट्रिकल डिस्ट्रीब्यूशन इंजीनियर (CEDE) को रिश्वतखोरी के आरोप में रंगे हाथों गिरफ्तार किया। 2003 बैच के इस अधिकारी के साथ दो निजी व्यक्तियों को भी हिरासत में लिया गया है।
सीबीआई के अनुसार, यह पूरा मामला रेलवे के एक बड़े प्रोजेक्ट के टेंडर से जुड़ा है।
टेंडर की राशि: ₹40.54 करोड़।
रिश्वत की मांग: अधिकारी ने इस टेंडर को पास करने के बदले निजी कंपनी के स्टेकहोल्डर्स से कुल राशि का 1% यानी ₹40 लाख की मांग की थी।
ट्रैप की कार्रवाई: शिकायत मिलने पर सीबीआई ने सोमवार को एफआईआर दर्ज की और मंगलवार को जाल बिछाया। जैसे ही अधिकारी ने अपने चेंबर में ₹10 लाख की पहली किस्त स्वीकार की, सीबीआई की टीम ने उन्हें रंगे हाथों दबोच लिया।
अधिकारी की गिरफ्तारी के बाद सीबीआई ने उनके आवास सहित पांच अलग-अलग ठिकानों पर सघन छापेमारी की। इस तलाशी में जो संपत्ति सामने आई, उसने जांच अधिकारियों को भी चौंका दिया:
| बरामद संपत्ति | विवरण | अनुमानित मूल्य |
| नकद (Cash) | ₹90,47,000 | ₹90.47 लाख |
| सोना (Gold) | 241.30 ग्राम | ~₹40 लाख |
| चांदी (Silver) | 2,577 ग्राम | ~₹8 लाख |
| दस्तावेज | कई आपत्तिजनक पेपर | जांच जारी |
भ्रष्टाचार के इस खेल में केवल अधिकारी ही नहीं, बल्कि रिश्वत देने की साजिश रचने वाले दो अन्य निजी व्यक्तियों को भी सीबीआई ने गिरफ्तार किया है। जांच टीम अब यह पता लगा रही है कि क्या इस अधिकारी ने पहले भी इसी तरह के टेंडरों में कमीशनखोरी की है।
सीबीआई का बयान: "भ्रष्टाचार के खिलाफ हमारी 'जीरो टॉलरेंस' नीति जारी रहेगी। आरोपी अधिकारी के डिजिटल उपकरणों और बैंक खातों की भी जांच की जा रही है ताकि अवैध संपत्ति के पूरे नेटवर्क का खुलासा हो सके।"
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