जालोर: जालोर में 17 साल पहले हुए चश्मा वितरण घोटाले में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने बड़ी कार्रवाई की है। एसीबी ने 9 आरोपियों के खिलाफ विशेष न्यायाधीश, भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम पाली के न्यायालय में चालान पेश किया है। यह मामला सर्व शिक्षा अभियान के तहत वर्ष 2007-08 का है।
घोटाले का विवरण:
- सर्व शिक्षा अभियान के समावेशित शिक्षा के तहत दृष्टिबाधित छात्र-छात्राओं को चश्मा वितरण कार्यक्रम में घोटाला हुआ था।
- सर्व शिक्षा अभियान जालोर के अधिकारियों और कर्मचारियों ने चौधरी चश्माघर, सांचौर के मालिक गणेशराम चौधरी से मिलीभगत कर कूटरचित दस्तावेज तैयार किए।
- विद्यालयों में दृष्टिबाधित बच्चे कम होते हुए भी अधिक बताकर चश्मा वितरण किया गया।
- इस तरह चश्मा वितरण में वित्तीय अनियमितताएं की गईं।
- इससे राज्य सरकार को 3,98,053.50 रुपए का नुकसान हुआ और फर्म मालिक को अनुचित लाभ पहुंचा।
आरोपियों की जानकारी:
- श्यामलता थालिया
- गणेशराम चौधरी
- मनजीराम औदिच्य
- आसुराम बिश्नोई
- कानाराम पंवार
- झूमरलाल पालीवाल
- तेजाराम बिश्नोई
- राजूशेख
- प्रवीण विश्नोई
एसीबी की कार्रवाई:
- एसीबी ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
- सभी आरोपियों के खिलाफ विशेष न्यायाधीश भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम पाली के न्यायालय में चालान पेश किया गया है।
मुख्य बातें:
- 17 साल पुराने चश्मा वितरण घोटाले में 9 आरोपियों के खिलाफ चालान पेश किया गया है।
- सर्व शिक्षा अभियान के अधिकारियों और कर्मचारियों ने कूटरचित दस्तावेज तैयार कर घोटाला किया।
- इस घोटाले से राज्य सरकार को लाखों का नुकसान हुआ।
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