कोटा। देहरादून और मसूरी घूमने गए रेल कर्मचारियों के बच्चे रविवार को कोटा लौट आए। यह शैक्षणिक और रोमांचक शिविर 16 से 22 जून तक आयोजित किया गया था, जिसमें बच्चों ने हिमालय की गोद में बसे कई ऐतिहासिक और प्राकृतिक स्थलों का भरपूर आनंद लिया।
बच्चों ने मसूरी में 1888 में स्थापित ओक ग्रोव स्कूल, गनहिल पॉइंट, मसूरी झील, 1935 में अंग्रेजों द्वारा स्थापित हिमालय पर्वत पॉइंट, हवामहल पॉइंट, कैंपटी और सहस्त्रधारा वॉटरफॉल, तथा कैमल बैक हिल जैसे स्थानों का भ्रमण किया। देहरादून में उन्होंने वानिकी अनुसंधान संस्थान (FRI), चिड़ियाघर और टपकेश्वर महादेव मंदिर का विशेष लुत्फ उठाया।
यह शिविर सिर्फ घूमने का रोमांच ही नहीं, बल्कि एक शैक्षणिक अनुभव के रूप में भी सफल रहा। बच्चों ने हिमालय के सौंदर्य और शांत वातावरण का भरपूर मज़ा लिया।
ब्राह्मण शिविर के दौरान, बच्चों ने अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस यानी 21 जून को योगाभ्यास भी किया, जो उनके अनुभव का एक महत्वपूर्ण हिस्सा रहा।
कर्मचारी हित निधि समिति द्वारा सामाजिक और शैक्षणिक विकास की पहल पर आयोजित इस शिविर में कुल 35 बच्चे शामिल थे। इन बच्चों के लिए कोटा-देहरादून नंदा देवी ट्रेन में द्वितीय श्रेणी का वातानुकूलित स्पेशल कोच लगाया गया था।
इस शिविर में मंडल कार्मिक अधिकारी अविरल शर्मा, कर्मचारी हित निधि सदस्य पीके गर्ग और मुजाहत अली सहित 10 कर्मचारियों का स्टाफ भी बच्चों के साथ मौजूद था।
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