आरपीएफ सेमिनार में मानव तस्करी रोकने पर मंथन, इस साल मई तक 89 बच्चे बचाए गए

आरपीएफ सेमिनार में मानव तस्करी रोकने पर मंथन, इस साल मई तक 89 बच्चे बचाए गए

कोटा। मानव तस्करी जैसे गंभीर अपराध को रोकने के उद्देश्य से रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) ने गुरुवार को डीआरएम कार्यालय में एक सेमिनार का आयोजन किया। इस सेमिनार में विभिन्न हितधारकों ने मानव तस्करी के खिलाफ लड़ाई में अपनी भूमिका और अनुभवों पर चर्चा की।

सेमिनार में वरिष्ठ मंडल सुरक्षा आयुक्त ए. नवीन कुमार ने तस्करों को पकड़ने और बच्चों को बचाने के लिए आरपीएफ द्वारा चलाए जा रहे विभिन्न अभियानों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि किस तरह आरपीएफ सक्रिय रूप से इस दिशा में कार्य कर रही है।

बचपन बचाओ आंदोलन की सीनियर प्रोजेक्ट ऑफिसर ज्योति पांडेय ने मानव तस्करी के खिलाफ लड़ाई में उनके आंदोलन और अन्य गैर-सरकारी संगठनों (एनजीओ) की महत्वपूर्ण भूमिका के बारे में प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि कैसे ये संगठन बच्चों को बचाने और उन्हें एक बेहतर भविष्य देने में सहायक होते हैं। वहीं, कोटा जिले की बाल कल्याण समिति के राजेंद्र राठौड़ ने बच्चों के संरक्षण और पुनर्वास से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी साझा की।


मिशन वात्सल्य के तहत 'नन्हे फरिश्ते' ऑपरेशन में 89 बच्चे बचाए

आरपीएफ ने इस सेमिनार में अपनी बड़ी उपलब्धि भी साझा की। मिशन वात्सल्य के तहत चलाए जा रहे ऑपरेशन नन्हे फरिश्ते के माध्यम से, आरपीएफ ने इस साल मई-2025 तक कुल 89 बच्चों को बचाया है। यह आंकड़ा पिछले वर्ष मई-2024 की तुलना में 50 प्रतिशत अधिक है, जो आरपीएफ के प्रयासों की सफलता को दर्शाता है।

सेमिनार में अपर मंडल रेल प्रबंधक ललित कुमार धुरंधर, जीआरपी (राजकीय रेलवे पुलिस) और वाणिज्य विभाग के अधिकारियों ने भी अपने विचार व्यक्त किए और इस महत्वपूर्ण मुद्दे पर सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता पर बल दिया।


#मानवतस्करी #आरपीएफ #सेमिनार #बचपनबचाओआंदोलन #नन्हेफरिश्ते #बालसंरक्षण #कोटा #रेलवेसुरक्षा #एनजीओ

G News Portal G News Portal
67 0

0 Comments

No comments yet. Be the first to comment!

Leave a comment

Please Login to comment.

© G News Portal. All Rights Reserved.