कोटा | देश में जहां एक ओर 'स्वच्छ भारत अभियान' पर करोड़ों खर्च किए जा रहे हैं, वहीं कोटा-सवाई माधोपुर रेलखंड के कापरेन और अरनेठा के बीच स्थित अडिला गांव के निवासियों ने रेलवे ट्रैक को ही शौचालय बना डाला है। इस लापरवाही के कारण लगभग 1 किलोमीटर का रेल क्षेत्र गंदगी के ढेर में तब्दील हो गया है, जिससे वहां काम करना और रहना दुभर हो गया है।
रेलवे कर्मचारियों के अनुसार, अडिला गांव नगरपालिका कापरेन ब्लॉक के अंतर्गत आता है। रेलवे ने सुरक्षा और रोकथाम के लिए ट्रैक के दोनों तरफ फेंसिंग (लोहे की जाली) लगा रखी है, लेकिन ग्रामीण नियमों को ताक पर रखकर पटरी पर शौच के लिए पहुंच रहे हैं। कर्मचारियों द्वारा बार-बार टोकने और मना करने के बावजूद ग्रामीणों के व्यवहार में कोई बदलाव नहीं आ रहा है।
पूरे क्षेत्र में गंदगी का इस कदर साम्राज्य है कि वहां से गुजरना भी मुश्किल है। इसका सबसे बुरा असर ट्रैकमैनों पर पड़ रहा है। उन्हें मजबूरी में इसी बदबू और सड़ांध के बीच रेल पटरियों की मरम्मत और देखरेख का काम करना पड़ता है। कर्मचारियों का कहना है कि वहां चंद पल रुकना भी किसी सजा से कम नहीं है।
कर्मचारियों ने अपनी व्यथा बताते हुए कहा कि इस समस्या के समाधान के लिए:
मंडल रेल प्रबंधक (DRM) और अन्य उच्चाधिकारियों को कई बार लिखित शिकायत दी जा चुकी है।
रेलवे सुरक्षा बल (RPF) और अधिकारियों ने कई बार मौके का मुआयना भी किया है।
विडंबना यह है कि इतनी शिकायतों और दौरों के बाद भी अब तक कोई ठोस कार्रवाई या समाधान नहीं निकला है। प्रशासन की इस सुस्ती का खामियाजा फील्ड पर काम करने वाले छोटे कर्मचारियों को भुगतना पड़ रहा है।
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