नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने रेलवे टिकटों की कालाबाजारी पर लगाम लगाने का एक अहम फैसला सुनाया है। कोर्ट ने टिकटों की अनधिकृत बिक्री को एक सामाजिक अपराध घोषित किया है। यह फैसला रेलवे टिकटों की कालाबाजारी करने वाले लोगों के लिए एक बड़ा झटका है और आम यात्रियों के लिए राहत की खबर है।
क्या है पूरा मामला?
रेल मंत्रालय ने केरल और मद्रास उच्च न्यायालय के निर्णयों को चुनौती देते हुए सर्वोच्च न्यायालय में विशेष अनुमति याचिकाएं दायर की थीं। इन याचिकाओं में अनधिकृत थोक रेलवे टिकट बुकिंग को सामाजिक अपराध की संज्ञा देने की मांग की गई थी।
सुप्रीम कोर्ट ने इन याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए रेल मंत्रालय के पक्ष में फैसला सुनाया है। कोर्ट ने कहा कि रेलवे टिकटों की अनधिकृत खरीद और आपूर्ति, चाहे वह किसी भी तरीके से की जाए, एक अपराध है।
फैसले का महत्व:
इस फैसले का रेल यात्रियों के लिए कई महत्वपूर्ण प्रभाव होंगे:
आरपीएफ का आग्रह:
रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) ने जनता से अनुरोध किया है कि वे किसी भी तरह की अनियमितता की सूचना 139 नंबर पर या रेलमदद पोर्टल के माध्यम से दें।
सुप्रीम कोर्ट का यह फैसला रेलवे यात्रियों के लिए एक बड़ी जीत है। इससे रेलवे टिकटिंग सिस्टम में सुधार होगा और आम यात्रियों को इसका लाभ मिलेगा।
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